बिजनौर। व्यापारियों की समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष मनोज कुच्छल के नेतृत्व में व्यापारी खाद्य विभाग कार्यालय पहुंचे. इस दौरान खाद्य विभाग के कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर कार्यालय से गायब हो गए।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले जिलाध्यक्ष मनोज कुछल के नेतृत्व में व्यापारी आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां उन्हें देख कर्मचारी कुर्सियां छोड़ कर गायब हो गए। इसके बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार को फोन करके बुलाया और ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में 31 मार्च तक लाइसेंस होने के बाद भी रिनुअल के समय 1 माह पहले 100 प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस लगाई जा रही है। इससे व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने मांग की कि लाइसेंस की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद ही लेट फीस लगाई जाए। उन्होंने कहा कि पैकिंग के आइटम में कंपनियों के साथ-साथ रिटेल के व्यापारियों को भी सजा व जुर्माने से दंडित किया जा रहा है, जिसमें उसका कोई दोष नहीं होता है। सैंपल पास होने पर भी पैकिंग पर छपे प्रिंटिंग मटेरियल में कमी पाए जाने पर रिटेल के व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। पैकिंग को रिटेल का व्यापारी नहीं छापता है। इसलिए उसका कोई अपराध नहीं है। पैकिंग पदार्थ के सैंपल भरे जाने पर यदि कोई कमी आती है तो रिटेलर के खिलाफ कोई कार्यवाही, जुर्माना न लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उसे सिर्फ गवाह बनाया जाए व सजा और जुर्माना कंपनी पर लगाया जाए। उनकी मांग थी कि निर्माताओं के लिए विभाग द्वारा मांगी जा रही सालाना रिटर्न ऑडिट की व्यवस्था समाप्त की जाए। व्यापारियों की यह भी मांग थी कि अधिकारियों द्वारा सैंपलिंग के समय सैम्पल शीशी मौके पर सील न करने व फार्म 5 मौके पर ना उपलब्ध कराने की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस पर सख्त आदेश पारित किया जाए। सैंपल शीशी मौके पर सील की जाए तथा फार्म 5 सेम्पलिंग के समय तत्काल भरकर व्यापारिक उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन देने वालों में मनोज कुच्छल, सचिन राजपूत, मानव सचदेवा, नवनीत चौध री, मनु कुमार, दिलशाद खान, बीएस राजपूत आदि मौजूद रहे।
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