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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने दिनांक-15 दिसम्बर, 2021 से प्रारम्भ हो रहे चतुर्थ सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग के लिए अनुरोध किया। विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सभी दलीय नेताओं ने अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया।


बैठक में सदन के नेता मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा देश की सबसे बड़ी विधान सभा है। स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही पूरे देश के विधान मण्डलों के लिए एक मानक और आदर्श भी उपस्थित करता है। प्रदेश में विशेष सत्र चला, इसकी चर्चा देश के अन्य विधान मण्डलों में ही नहीं, संसद में भी हुई।
श्री आदित्यनाथ ने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद और सकारात्मक चर्चा, परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र मजबूत होता है। पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं। प्रसन्नता है कि कमोवेश सभी दलीय नेताओं का सकारात्मक सहयोग विधान सभा के सदन चलाने के लिए प्राप्त होता रहा है। 17वीं विधान सभा का यह अंतिम सत्र है। इस अंतिम सत्र के दौरान सभी दलीय नेताओं से समर्थन अपेक्षित है। इस सत्र में द्वितीय अनुपूरक मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जायेगा। इससे जुड़े मुद्दों पर सदस्यों को चर्चा करने का अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गम्भीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सदन में प्राप्त सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने, विकास की योजनाओं को नई गति देने और उसे आगे बढ़ाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्यवाही के लिए प्रतिबद्ध है। अध्यक्ष ने सभी दल के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अन्तर्गत रखें। प्रेमपूर्ण वातावरण से सदन में बहस करें। उन्होंने विगत वर्षों में सदन के संचालन में सभी दलीय नेताओं द्वारा सकारात्मक सहयोग करने और सदन में स्वस्थ वातावरण बनाये रखने के लिए सभी दलीय नेताओं की प्रशंसा भी की।


बैठक में नेता कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह, अपना दल (सोनेलाल) के नेता, नील रतन पटेल के स्थान पर हरिराम ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री की भावना के साथ-साथ सम्बद्ध करते हुए सभी दलीय नेताओं से सदन में शान्तिपूर्ण सहयोग करने की अपील की। इसके साथ ही विगत साढ़े चार वर्षों के अंतराल में दलीय नेताओं द्वारा विधान सभा की कार्यवाही के संचालन में सकारात्मक सहयोग देने के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की।
इस अवसर पर नितिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश विधान सभा प्रदीप कुमार दुबे, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश विधान सभा एवं विधान सभा के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

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