
बैंक प्रबंधक का अड़ियल रवैया; ग्रामीण को नहीं मिल पा रहा पुत्र का मृत्युपरांत क्लेम
रौशनपुर प्रताप (कोतवाली देहात)। बैंक प्रबंधक के अड़ियल रवैये के कारण एक ग्रामीण को उसके पुत्र का मृत्युपरांत क्लेम नहीं मिल पा रहा है। मामला पंजाब नेशनल बैंक की शाखा कोतवाली देहात का है।
जानकारी के अनुसार 14 अक्टूबर 2021 को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रौशनपुर प्रताप निवासी भगीरथ सिंह के पुत्र रजतपाल की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी। भगीरथ सिंह ने बताया कि 28 अक्टूबर को उसने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा कोतवाली देहात पहुंच कर प्रबंधक को इस संबंध में प्रार्थना पत्र लिखकर दिया। पत्र में अवगत कराया कि उसके पुत्र के बैंक अकाउंट पर जारी एटीएम कार्ड से अक्टूबर के महीने में तीन बार ट्रांजेक्शन हुआ था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमानुसार एटीएम कार्ड धारक बीमित होता है, जिस पर परिजनों द्वारा दावा किया जा सकता है। आरोप है कि बैंक प्रबंधक इस संबंध में आवश्यक दावा परिपत्र (क्लेम फार्म) उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
ATM के साथ ये है शर्त
राष्ट्रीयकृत और गैर राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम कार्ड का उपयोग करने के 45 दिनों के भीतर मौत होने पर बीमा पॉलिसी के तहत संबंधित व्यक्ति के आश्रित मुआवजा के लिए क्लेम कर सकते हैं।
अगल-अलग कार्ड पर तय है बीमा राशि
बैंक कई तरह का एटीएम कार्ड ग्राहकों को देता है। कार्ड के अनुसार ही उन पर बीमा राशि तय की गई है। क्लासिक कार्ड पर एक लाख रूपये, प्लेटिनम पर दो लाख, मास्टर कार्ड पर 50 हजार रूपये जबकि मास्टर प्लेटिनम कार्ड पर पांच लाख रूपये तक का बीमा होता है। वहीं वीजा कार्ड पर डेढ़ से दो लाख रूपये तक बीमा लाभ मिलता है।
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