
बिजनौर। झालू जाटान सेवा सहकारी समिति के अपदस्थ अध्यक्ष पति मोहम्मद अकबर ने कहा कि अधिकारियों की चौकड़ी ने समिति धन का गबन; मिसयूज करने के अपने उद्देश्य में बाधक समिति सभापति सहित बोर्ड के निर्वाचित 6 संचालकों की सदस्यता खत्म करने में षड्यंत्र के तहत एक राय होकर सबसे अहम भूमिका निभाई है। अपदस्थ किए गए सभापति, संचालकों को 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट, आर्डर शीट व अन्य सूचना प्राप्त नहीं कराई गई है।

मोहल्ला पीरजादगान स्थित अपने आवास पर मोहम्मद अकबर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पूर्व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर अमित कुमार त्यागी, एडीसीओ सुनील कुमार सैनी, एडीओ जयवीर सिंह, पूर्व एमडी धर्मपाल सिंह व वर्तमान एमडी शिव बहादुर की केमिस्ट्री ने एक राय होकर समिति के धन का गबन; मिसयूज करने के अपने उद्देश्य में बाधक समिति सभापति सहित बोर्ड के निर्वाचित 6 संचालकों की सदस्यता से संबंधित मूल दस्तावेजों सदस्यता प्रार्थना पत्र, घोषणापत्र, सदस्यता रजिस्टर्ड, कार्यवाही रजिस्टर, कैश बुक, लेजर आदि को षड्यंत्र के तहत बदल कर सदस्यता समाप्त कराने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अपदस्थ किए गए सभापति संचालकों को 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्यालय सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर ने सदस्यता के संबंध में कराई गई जांच की जांच रिपोर्ट, आर्डर शीट व अन्य सूचनाएं प्राप्त नहीं कराई हैं। दस्तावेज उपलब्ध न कराने का कारण स्पष्ट है कि उनकी सदस्यता से संबंधित दस्तावेजों को बदल दिया एवं नष्ट कर दिया गया है, जो कृत्य झालू समिति में हुआ है ऐसा सहकारिता विभाग उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ कि किसी भी समिति के 9 में से 6 निर्वाचित संचालक को षड्यंत्र के तहत हटा दिया गया हो। झालू समिति में उत्तर प्रदेश सहकारी अधिनियम नियमावली उपलब्धियां लागू नहीं होती है, वहां तो पूर्व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर अमित कुमार त्यागी, एडीसीओ सुनील कुमार सैनी, एडीओ जयवीर सिंह, पूर्व एमडी धर्मपाल सिंह व एमडी शिव बहादुर की चौकड़ी के निर्मित कायदे कानून चलते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त चौकड़ी द्वारा एक और षडयंत्र रचा गया है कि गैर कृषक ₹100 से वाले सदस्यों की सदस्यता भी समाप्त की जाए, जिसके क्रियान्वयन को एमडी शिव बहादुर अंतिम रूप देने में लगे हैं। उनका हौसला सातवें आसमान पर है क्योंकि जब उन्होंने निर्वाचित संचालकों के सदस्यता से संबंधित दस्तावेजों को नष्ट एवं बदलकर अपदस्थ करा दिया तो उनके लिए गैर कृषक ₹100 हिस्सा वाले सदस्यों की सदस्यता समाप्त करना कोई मायने नहीं रखता है।

उन्होंने कहा कि उक्त अधिकारियों की चौकड़ी झालू समिति के निर्वाचित बोर्ड को भंग कराकर उसके स्थान पर प्रशासनिक कमेटी का गठन कराकर समिति के धन का भरपूर गबन व मिस यूज कर रही है और अब गैर कृषक ₹100 का वाले सदस्यों की सदस्यता समाप्त कराकर आगामी चुनाव में समिति के परिसीमन को बिगाड़ना एवं अपनी कठपुतली वाले बोर्ड का गठन करना चाहते हैं, ताकि आगे भी समिति के धन का गबन, मिसयूज सुचारू रूप से जारी रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि मेरे ऊपर 40 वर्ष के कार्यकाल में ₹1 का गबन भी सिद्ध कर दे तो मैं 10 गुना देने को तैयार हूं। मोहम्मद अकबर ने जनपद बिजनौर के तेजतर्रार एवं ईमानदार छवि के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से उक्त अधिकारियों के कृत्य की जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। उधर इस संबंध में पक्ष जानने को संबंधित अधिकारियों से मोबाइल संपर्क नहीं हो सका।
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