
ग्रीन लाइट सीनियर सेंकेडरी पब्लिक स्कूल में हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन। गोष्ठी में कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांध्य हिंदी दैनिक पब्लिक इमोशन के संपादक डॉ. पंकज भारद्वाज।

बिजनौर। साहित्य संगम के तत्वावधान में ग्रीन लाइट सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल अभिभुरा मंडावली में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. पंकज भारद्वाज ने कहा कि कविता इंसान को सिर्फ जिंदा नहीं रखती बल्कि जवान रखती है। उन्होंने कहा कि कविता के जरिए मौहब्बत एवं पीड़ा को व्यक्त किया जा सकता है किंतु नफरत बांटने का जरिया कविता को नहीं बनाया जा सकता। संयोजक रविंद्र कुमार और संरक्षक कर्मवीर सिंह के सानिध्य में हुई गोष्ठी की अध्यक्षता श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन जितेंद्र सिंह कक्कड़ ने किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवल एवं माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद संरक्षक कर्मवीर सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तत्पश्चात काव्य गोष्ठी में कुमुद कुमार ने कहा- शौर्य के पन्नों पर लिखा हमनें इतिहास भारत का; शस्त्र और शास्त्र से सजाया हमनें इतिहास भारत का।

वरिष्ठ कवि प्रदीप डेजी ने कहा-अपने आंसू पीते पीते हम प्यास बुझाना भूल गए; थोड़े से बस क्या बड़े हुए हम वक्त पुराना भूल गए। जितेंद्र कक्कड़ ने कहा- दर्द जमाने का सह लेते तो सफर कैसा होता; हम तो पी लेते पर आशियाने का क्या होता। राजेंद्र त्यागी ने कहा नफरतों को मेरे दोस्त दिल से हटा; दु:ख को मैं तेरे तू मेरे दु:ख को बंटा। संत भगीरथ सिंह ने कहा- नफरतों की आग को दिल से बुझाने आ गया हूं। डा. प्रमोद शर्मा प्रेम ने कहा- सारी नफरत जहाँ से हटा दीजिये; कोई रूठे अगर फिर मना लीजिए। अशोक सविता ने कहा- भावनाओं को लहूलुहान करना पड़ता है। मनोज कुमार मानव ने कहा – लाया पुत्र विशेष था जाकर बसा विदेश; घर पर सेवा कर रहा नालायक अवशेष। बेगराज यादव ने कहा- मेरे अपने अपने से नहीं लगते; मिलते हैं होली लेकिन दिल से नहीं मिलते। जयपाल रसिक ने कहा- कौन कहता है चार दिन चांदनी फिर अंधेरी रात है। मैं मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा। गमगीन साबिर ने कहा- पहले नफरत की दीवार गिराई जाए फिर होली और ईद मनाई जाए। रंग बिरंगी बहुरंगी सतरंगी छटा सजाई है। यह कौन है तेरा जिसने सुंदर तस्वीर बनाई है।

गोष्ठी में कर्मवीर सिंह, रविंद्र काकरण आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। बालक अंश प्रताप ने शिव तांडव सुनाकर सभी का अशीर्वाद प्राप्त किया। अशोक कुमार अग्रवाल ने सभी कवियों की रचनाओं पर समीक्षा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्याम प्रकाश तिवारी ने सभी कवियों के प्रति अपना आभार प्रकट किया। साथ ही सभी कवियों के काव्य पर अपना विचार प्रकट कर संबोधित किया। अंत में मुख्य अतिथि पंकज भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन कर रहे जितेंद्र कक्कड़ को शाल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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