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विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन को किया याद। 267 वें जन्म दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों के योगदान को सराहा। सर्वसम्मति से अगले सत्र के लिये चुने गए डॉ. स्नेह प्रताप अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर सचिव।

बिजनौर। विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन के 267वें जन्म दिवस (10 अप्रैल) पर होम्योपैथिक मेंडिकल एसोसिएशन बिजनौर ने इम्प्रेशन रेस्टोरेन्ट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह व संचालन सचिव डॉ. नीरज कुमार ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान सर्व सम्मति से अगले सत्र के लिये डॉ. स्नेह प्रताप को अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर को सचिव चुना गया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक का धर्म है कि बिना भेदभाव के सभी के स्वास्थ्य तथा मानवता की भलाई के लिये कार्यरत रहे। कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने अपना धर्म बखूबी निभाया।

अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि होम्योपैथी एक सर्वसुलभ एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति है। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपेथिक दवाईयों ने बहुत ही अच्छा काम किया। होथोपैथिक दवाईयां बचाव व इम्युनिटी बूस्टर के रूप में अत्यधिक लाभदायक रही हैं।

सचिव डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि होम्योपैथी द्वारा पुरानी एवं जटिल से जटिल बीमारियों का सफल इलाज संभव है। होम्योपैथिक दवाइयों के सेवन से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों ने बहुत ही योगदान दिया है।

इस अवसर पर डॉ. अजवीर सिंह, डॉ. युवराज सिंह, डॉ. संजीव, डॉ. अमित राणा, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. राहुल त्यामी, डॉ. सुमित विश्नोई, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. ध्यान सिंह आदि उपस्थित रहे।

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