● सचिन वर्मा, जनवाणी बिजनौर
आईपीएल का नशा लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। लोग आईपीएल पर जमकर सट्टा लगाते हैं। जनपद में भी आईपीएल पर प्रतिदिन लाखों का सट्टा लगाया जाता है। काफी लोग आईपीएल सट्टे के मकड़जाल में फंसकर अपना सब कुछ दाव पर लगा चुके हैं। सूत्रों का दावा है कि जनपद में एक बड़ा गिरोह इस धंधे को चला रहा है। पूर्व में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आईपीएल सट्टे का धंधा करने वाले कई लोगों को दबोचा था। यह धंधा करने वालों को पुलिस का तनिक भी भय नहीं है इसी के चलते पूर्व की भांति इस बार भी बड़े स्तर पर यह धंधा खुलेआम चल रहा है।

आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने वाले लोगों की कमी नहीं है। आम आदमी से लेकर व्यापारी व खादीधारी भी आईपीएल में सट्टा लगाकर अपना भाग्य आजमाते हैं। जनपद बिजनौर की बात की जाए तो यहां पर भी आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने वाले लोगों की भरमार है। लोग आईपीएल आने का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। हालांकि यह सट्टे का यह धंधा ऑनलाइन भी चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी एक बड़ा गिरोह जनपद में अपने एजेंटों के माध्यम से इस धंधे को कर रहा है। मैच के शुरू होते ही सटोरियों के मोबाइलों की घंटी दन दनादन बजनी शुरू हो जाती है। जिला मुख्यालय के अलावा झालू, नगीना, शेरकोट, नजीबाबाद, किरतपुर अफजलगढ़ व धामपुर आदि स्थानों पर यह धंधा बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। वर्ष 2017 में एसओजी ने इन सटोरियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए नगीना से दो लोगों को लाखों की रकम के साथ गिरफ्तार किया था। जिला मुख्यालय से भी कई लोगों को एसओजी ने दबोचा था, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था। एसओजी की इस कार्यवाही से सटोरियों में हड़कम्प मच गया था, लेकिन मामला शांत होते ही सटोरी पुनः सक्रिय हो गए थे। पुलिस की ढ़ील के चलते इस बार भी सट्टे का धंधा बड़े स्तर पर बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस चाहे तो इस मामले में सख्त कदम उठाकर सटोरियों पर कार्यवाही कर इस धंधे पर प्रतिबंध लगा सकती है।

खेलने वाले कंगाल तो एजेंट हुए मालामाल
आईपीएल में सट्टा लगाने वाले अधिकांश लोगों को नुकसान के अलावा और कुछ हांसिल नहीं होता। मैचों में गवाई गई अपनी रकम को पूरा करने के लिए वे लगातार दांव पर दांव लगाते रहते हैं और अंत में अपना सब कुछ गंवाकर कंगाल होकर बैठ जाते हैं। वहीं दूसरी ओर सट्टा खिलाने वाले बुकी व उनके एजेंट आईपीएल मैचों के आने का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। ये एजेंट सट्टा खेलने वाले लोगों के पैसों से मालामाल होते जा रहे हैं। कुछ एजेंट तो ऐसे हैं जो कुछ ही वर्षों में फर्श से अर्श पर पहुंच चुके हैं। सट्टा खेलने वाले की हार होने पर भी उन्हें फायदा होता है और जीत होने पर भी। सूत्रों के अनुसार मैच समाप्त होने के कुछ समय बाद ही इन एजेंटों के पास उनके कमीशन का पैसा पहुंच जाता है।
उधर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीन रंजन सिंह का कहना है कि आईपीएल मैच पर सट्टा लगाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं था। अब यह ममला संज्ञान में आया है। ऐसा करने वालों को चिन्हित कराकर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
काफी सतर्कता बरतते हैं बुकी
आईपीएल सट्टा खिलाने वालों को बुकी कहा जाता है। ये बुकी काफी सतर्कता बरतते हैं। सूत्रों के अनुसार पकड़े जाने के डर से ये बुकी हर मैच के बाद अपना नम्बर बदल लेते हैं। नम्बर बदलने से पहले ये अपना नया नम्बर अपने एजेंटों को बता देते हैं। एजेंटों के माध्यम से ये नए नम्बर सट्टा खेलने वालों तक पहुंचाए जाते हैं।
कार्रवाई होना अति आवश्यकः गौरव गोयल
एडवोकेट गौरव गोयल का कहना है कि आईपीएल मैच में सट्टा लगाने के लिए लोग कर्ज लेने से भी गुरेज नहीं करते हैं। ऐसे कई मामले हैं जिनमे यह बात सामने आई है। सट्टा एक सामाजिक बुराई है। इसके कारण न जाने कितने लोग बर्बाद हो चुके हैं। लोगों को बर्बाद करने वाले इस गैर कानूनी धंघे को करने वालों पर कार्यवाही होना अति आवश्यक है। पुलिस चाहे तो ऐसा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही कर इस धंधे पर अंकुश लगा सकती है।

‘जनपद में गैर कानूनी कार्य नहीं होने दिए जाएंगे। जनपद में जो लोग आईपीएल सट्टा करा रहे हैं, उनको चिन्हित कराकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ डा. धर्मवीर सिंह, एसपी, बिजनौर
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