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एनआइए अफसर व उनकी पत्नी की हत्या केस में मुख्य आरोपी मुनीर और  रैयान को फाँसी की सज़ा।  एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन ने सुनाई सज़ा। दोनों को फांसी की सजा का एलान। तंजीम,जेनी और रिजवान को किया गया बरी। मुख्य आरोपी मुनीर और रेयान ने गोली बरसाकर उतारा था एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को मौत के घाट। 2/3 अप्रैल 2016 की घटना।

बिजनौर। न्यायालय द्वारा एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त/गैंगस्टर मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दण्डित किया गया है। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे। गत दिवस अदालत ने तीन आरोपितों को केस से बरी कर दिया था, जबकि मुनीर और उसके साथी रैय्यान को दोष करार दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुनहगारों को कोर्ट लाया गया था।

गौरतलब है कि दिनांक 02/03 अप्रैल 2016 को एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की मुनीर तथा उसके साथियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। दिनांक 16 अप्रैल 2022 को इस अभियोग से सम्बन्धित गैंगस्टर एक्ट में न्यायालय द्वारा अभियुक्त मुनीर को 10 वर्ष के कारावास व 01 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के उपरान्त आज एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन द्वारा मुख्य अभियुक्त मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दंडित किया गया। मुनीर अन्तर्राज्यीय गैंग का गैंग लीडर (गैंग कोड सं–आईएस 32/21) तथा हिस्ट्रीशीटर है। मुनीर के खिलाफ विभिन्न जनपदों/राज्यों में कुल 33 अभियोग पंजीकृत हैं तथा शासन द्वारा चिन्हित राज्य स्तरीय आपराधिक माफिया घोषित है। अभियुक्तों की सजा से शासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास उत्पन्न हुआ है तथा अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त हुआ है।

लेनदेन का था विवाद

विवेचना के दौरान पता चला कि पारिवारिक प्रॉपर्टी में रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसे लेकर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपित मुनीर और रैयान को दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

अप्रैल 2016 की वारदात- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद उर्फ अभिनव जंघाला के अनुसार एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। उनके दो बच्चे हमले के दौरान बच गए थे।

बचाव पक्ष की ओर से तर्क– बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित मुनीर और रैयान को आर्म्स एक्ट सहित एक अन्य मामले में भी बरी कर दिया है। मुनीर और रैयान को हत्या का दोषी पाया है। उन्होंने दावा किया कि मुनीर और रैयान की तंजील अहमद से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। एनआइए अफसर तंजील अहमद आतंकवादी तथा अन्य गंभीर मामलों की जांच करते थे, ऐसी संभावना है कि उक्त घटना को किसी अन्य व्यक्ति ने अंजाम दिया।

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