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अब पानी पी कर की फेंक नहीं पाएंगे बोतल, देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक हो जाएगी पूरी तरह बैन

विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण को बचाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. एक तरफ जहां दुनिया को बचाने की मुहिम में भारत पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं अब इस सिलसिले में केंद्र सरकार देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन करने की तैयारी में है.

सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूरी तरह बैन की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक खासकर पिन्नियों और पानी की बोतलों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. दरअसल केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सलाह दी है. केंद्र ने कहा है कि इससे ‘स्वच्छ और हरित’ पर्यावरण को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक देश के 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को पहले से प्रतिबंधित (Ban) कर रखा है. ऐसे में अब सभी राज्यों (States) और केंद्र शासित प्रदेश (UT’s) मिलकर ये सुनिश्चित करें कि बाकी बचे 2,100 से अधिक निकाय भी 30 जून, 2022 तक हर हाल में इसे प्रतिबंधित कर दे.

#WorldEnvironmentDay2022: Centre writes to states to phase out Single Use Plastic #WorldEnvironmentDay https://t.co/cSFvL7ffOS— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) June 5, 2022

बड़े पैमाने पर चलेगा अभियान

जारी की गई सरकारी एडवायजरी में पर्यावरण बचाने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक जिन आदेशों को पूरा करने के लिए कई गतिविधियां शुरू करने को कहा गया है. इसमें खासकर प्लास्टिक की पन्नी और पानी की बोतलों वाले कचरे की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर सफाई और ‘प्लॉगिंग’ अभियान चलाने को कहा गया है. बता दें कि फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय जो काम कर रहे हैं उसमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और एसयूपी का उन्मूलन भी शामिल है. 

गलती करने वालों पर लगेगा जुर्माना

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की एडवायजरी में ये भी कहा गया है कि सफाई के काम में तेजी के लिए यूएलबी को एसयूपी ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने की जरूरत होगी. इस सलाह में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की कार्रवाई का लाभ उठाने के साथ कुछ और विशेष प्रवर्तन दस्तों का गठन करने को कहा गया है. इसी तरह तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए एजेंसियों को औचक निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है. इसी तरह SUP प्रतिबंधों को लागू करने के लिए गलती करने वालों पर भारी जुर्माना यानी कठोर अर्थदंड लगाने की सलाह दी गई है.

प्रतिबंध के बाद भी हो रहा प्रयोग

गौरतलब है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के मुताबिक, 75 माइक्रोन यानि 0.075 मिमी मोटाई से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और किसी भी तरह के उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा हुआ है. ऐसे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की वजह से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे संगठन सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

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