newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

बिजनौर जनपद में बिना वैध कागजों के संचालित नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यहां तक कि इनके खिलाफ कार्रवाई करने के डीएम के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया गया।

बादस्तूर जारी है उगाही का का धंधा!- सूत्रों ने दावा किया है कि पाडली अल्ट्रासाउंड सेंटर, रामवीर धन्वंतरि हॉस्पिटल हसुपुरा नूरपुर, पारस अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम चांदपुर, मोहित नर्सिंग होम चांदपुर, राजवंश नर्सिंग होम चांदपुर, एचएमएस हॉस्पिटल नजीबाबाद, जीवनराज चंद्रा हॉस्पिटल नजीबाबाद, बीसी अल्ट्रासाउंड सेंटर धामपुर, सिसोदिया अल्ट्रासाउंड सेंटर धामपुर व पायल हॉस्पिटल कालागढ़ रोड धामपुर बिना किसी वैध कागजात के संचालित किये जा रहे हैं। गंभीर बात यह है कि इनमें से किसी पर भी किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के दस्तूर के मुताबिक पहले डॉ एसके निगम यहां से उगाही कर रहे थे और उनके रिटायरमेंट के बाद डॉ देवीदास ने कमान संभाल ली है?

सांठगांठ कर धंधा बदस्तूर जारी- आरोप है कि फर्जी तरीके से संचालित अस्पतालों में से कईं में लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग अपनी पुरानी रीति के अनुसार नोडल अफसर क्वैक्स के जरिये इन्हें नोटिस जारी कर चिकित्सा अभ्यास से संबंधित अभिलेखों समेत तलब करता है। कुछ ही दिन में आरोपियों से सांठगांठ कर धंधा बदस्तूर चालू करा दिया जाता है। 

गौरतलब है कि जनपद में फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालित होने की खबरों को अनदेखा करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के कारनामे अब सामने आने लगे हैं। माह जून के प्रथम सप्ताह में तहसील समाधान दिवस में जनता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिले में फर्जी तरीके से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर सील करने के निर्देश दिए थे।

इस पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर के नेतृत्व में नोडल अफसर डा. देवीदास ने अपनी टीम के राजकुमार सक्सेना, विजयपाल व पुलिस बल के साथ छापेमारी कर रेलवे क्रॉसिंग रोड स्थित अर्चना नर्सिंग होम, चन्दन हॉस्पिटल, रौनक नर्सिंग होम, परिधि नर्सिंग होम जैतरा, अदन नर्सिंग होम नगीना रोड धामपुर को कार्रवाई के तहत सील कर दिया और दो अन्य को नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि लेनदेन सम्पन्न होने के बाद इसी हफ्ते इनमें से एक का ताला खुल गया, जबकि जल्दी ही अन्य का शटर उठाने की तैयारी है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पक्ष जानने के लिए उन से उनके मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क का प्रयास किया गया। बात नहीं हो सकी।

Posted in , ,

Leave a comment