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मानवता की बेहतरीन मिसाल कायम कर रहे आजमगढ़ के एएसपी सिटी

दीपक कुमार की विशेष रिपोर्ट 

लखनऊ। कहते हैं मानवता की सेवा करने के लिए दिल में  जज्बातों की जरूरत होती है। इसके लिए समय और धन जरूरी तो हैं लेकिन प्राथमिक नहीं माने जा सकते। आज के आपाधापी भरे दौर में जब इंसान अपने सगे संबंधियों तक से दूरी बनाए रहता है, ऐसे में एएसपी सिटी के पद पर आजमगढ़ में तैनात शैलेन्द्र लाल मानवता की बेहतरीन मिसाल कायम कर रहे हैं।


एक विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से ही पशु पक्षी और प्रकृति से लगाव रहा है। मेरे यहां बगीचा है, साग सब्जी होती है। बंदर उनका कुछ भी नुकसान नहीं करते। एक फूल भी नहीं तोड़ते। जो साग सब्जी होती है, हम और बंदर के लिए काफी हो जाती है; दोनों खुश…।

जनपद लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान उनके घर के बाहर कई गाय व कुत्ते आदि आते थे, इसलिए उनके लिए वे घर के बाहर चारा / खाना और पानी रखने लगे। यही नहीं चिड़ियों के लिए भी दाना और पानी की भरपूर व्यवस्था रहती।
उन्हें हमेशा से ही पशु पक्षियों के प्रति बेहद लगाव रहा है।  सहारनपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने अलग-अलग किस्म के चार कुत्ते भी पाल रखे थे।


जब पोस्टिंग नोएडा में हुई, तब भी कई जानवर उनके घर आते थे। इस दौरान एक बंदर ने दोस्ती कर ली। वह घर आता था और जब पत्नी सब्जी लेने जाती थी तो कांधे पर आके बैठा जाता था।

यहां यह बताना भी समीचीन होगा कि इनकी गिनती एक तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के तौर पर होती है। जनपद मुख्यालय बिजनौर के मोहल्ला जाटान में वर्ष 2014 में हुए बम विस्फोट कांड के दौरान सीओ सिटी रहे शैलेन्द्र लाल को एक तेज तर्रार पुलिस अफसर के तौर पर जाना पहचाना जाता है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर तत्काल वह न केवल खुद पहुंचे, बल्कि घटना के संबंध में पूरी जानकारी भी जुटाई। मामला बेहद ही खूंखार आतंकवादी संगठन सिमी से जुड़ा हुआ था।

अब फोटोज देखकर उनके पशु एवं प्रकृति प्रेम के प्रति कुछ भी कहना, लिखना बेमानी ही होगा। किस कदर अकेले एक बंदर हो या झुंड में परिवार सहित…बड़े प्रेम से खाते पीते हैं और चले जाते हैं। किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं करते।

परिचयमूल रूप से जनपद उरई जालौन निवासी इनके पिता यूपी कैडर 1971 बैच के आईपीएस अफसर थे, लिहाजा इनकी अधिकांश पढ़ाई हॉस्टल में रहकर ही हुई। सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल से कक्षा 10 तक पढ़ने के बाद उन्होंने डीपीएस आरकेपुरम नई दिल्ली से इंटरमीडिएट किया। दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। बिजनौर में तैनाती के दौरान विवेक कॉलेज में एडमिशन लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलबी कंप्लीट किया। पत्नी दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करती हैं जबकि पुत्री जर्मनी में जॉब कर रही है। इनके बेटे का सेलेक्शन आईबी में असिस्टेंट इंटेलिजेंस ऑफिसर के तौर पर हुआ है। परिवार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहता है।

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