बिजनौर। पुलिस ने शमला हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसी के गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हंसी मजाक में टिप्पणी करने पर शमला ने गालियां दे दी थी। इससे नाराज होकर उसकी हत्या कर दी गई।

मंगलवार दोपहर एएसपी सिटी प्रवीण रंजन ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि 22 जुलाई को समय करीब 09.00 बजे शमला (उम्र करीब 54 वर्ष) पत्नी मान सिंह निवासी सुफपुर हमी उर्फ हमीदपुर थाना कोतवाली शहर जंगल में लेने गयी थी। 23 जुलाई को शमला का शव जंगल ग्राम हमीदपुर में ईख के खेत में मिला। मृतका के पुत्र की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दमाने से मृत्यु होना पाया गया।
उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली शहर पुलिस ने 25 जुलाई को शाम करीब सात बजे चैकिंग के दौरान अभियुक्त हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया (46 वर्ष) पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी ग्राम युसुफपुर हमीद उर्फ हमीदपुर को मंडावर रोड से आरटीओ ऑफिस की तरफ जाने वाले तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की निशादेही पर मालन नदी के किनारे खड़ी झाड़ियों से शमला की चप्पल व दराती बरामद की गयी। पूछताछ में हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया ने बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर से जंगल के लिये जा रहा था। रास्ते में गांव के ही महेन्द्र के खेत के पास उसी के गांव की रहने वाली शमला दिखाई दी। जब शमला उसके बराबर से निकल रही थी तो उसने शमला के ऊपर हंसी मजाक में गलत टिप्पणी कर दी। उसकी इसी बात पर शमला उस पर आग-बबूला हो गयी तथा गालियां देने लगी। गांव में बदनामी तथा गाली-गलौच के कारण आवेश में आकर उसने शमला के पीछे से उसके गले में हाथ डालकर उसे ईख के खेत में अंदर खींच लिया तथा शमला की गला दबाकर हत्या कर दी। गन्ने के खेत से बाहर पड़ी शमला की चप्पल व दराती को पास में ही नदी के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया तथा वहां से भाग गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, सुभाष धनखड़, कांस्टेबल हरेन्द्र का विजय कुमार, आकाश का अमित शामिल रहे।
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