
बिजनौर। किसान मजदूर संगठन ने विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील सदर में एसडीएम मोहित कुमार को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा कि 1947 से लेकर आज तक हम किसानों ने दिन रात मेहनत कर देश के भंडार भरे एवं खाद्यान की पूर्ति ही नहीं बल्कि खपत से ज्यादा पैदावार की, पर अफसोस है कि इन 75 सालों में किसान की ऐसी दुर्दशा हो गई कि किसान के बच्चे आज खेती नहीं करना चाहते, रोजगार मिल नहीं रहा तो जीविका ना होने के कारण बहुत किसानों के बच्चों का विवाह भी नहीं हो रहा है।
यह भी कहा कि आजादी के बाद जहां हमने हर घर में चाय, मिठाई आदि के माध्यम से मिठास पहुंचाई वहीं हम गन्ना किसान सही दाम एवं समय पर दाम ना मिलने के कारण घाटे की खेती कर रहे हैं और तकरीबन सभी कर्ज में डूबे हुए हैं। ज्ञापन में कहा गया कि जब उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार, राज्य सरकार धारा गन्ना मूल्य तय करने का अधिकार इलाहबाद उच्च न्यायालय में हार गई थी और उच्चतम न्यायालय ने इलाहबाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे नहीं दिया तब राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक सरदार वीएम सिंह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों से जीते उसी का परिणाम है कि आज आपकी सरकार को गन्ना मूल्य तय करने का अधिकार मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री से पेराई सत्र 2022 2023 का गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और 2011 से अटका हुआ ब्याज का पैसा चीनी मिलों से दिलवाने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में विनोद कुमार उर्फ बिट्टू, गौरव कुमार, राजीव कुमार, हरेन्द्र सिंह,वअतुल कुमार, गिरेंद्र सिंह, अमर सिंह, शूरवीर सिंह, सुरेन्द्र कुमार, प्रेम सिंह, वीरेंद्र सिंह, महेन्द्र सिंह, सुखवीर सिंह, गोविन्द, भूपेन्द्र सिंह आदि शामिल रहे।

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