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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने धरना प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन। मांगें न मानी तो किसी भी दिन आंदोलन छेड़ देंगे किसान।

बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जनपद बिजनौर के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर जिलाधकारी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी कृषि प्रधान देश कहलाने वाले भारत के अन्नदाता किसानों की अब तक भी दशा व दिशा नहीं बदली है। अब तक पाँच लाख अन्नदाता किसानों ने कर्ज में दबे होने के कारण आत्महत्या कर ली है। यह दुःख एवं विचारणीय विषय है। किसानों के बच्चे खेती छोड़ बनिये की नौकरी करने को मजबूर हैं। किसानों की फसलों का महंगाई के हिसाब से रेट सरकार तय नहीं करती है। खेती में काम आने वाले खाद, बीज, कीटनाषक दवायें, डीजल, कृषि यंत्र आदि के आये दिन सरकार मनमाने रेट बढ़ा देती है। फसलों का सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारन्टी न होने के कारण किसानों को अपनी फसल औने पौने दाम में ही व्यापारियों को देनी पड़ती है। इससे किसानों को बहुत बड़ी आर्थिक हानि होती है।

वक्ताओं ने कहा कि किसानों का समय पर कर्ज जमा न होने पर आर० सी० काट दी जाती है। गन्ना मिल मालिकों द्वारा गन्ना पेमेन्ट न होने पर भी कोई आर० सी० नहीं काटी जाती है। किसानों को आँकडे व वायदों में ही उलझाकर समय बीता देते हैं। अगला गन्ना सीजन आ जाता है और भोले किसान सब कुछ भूलकर फिर से गन्ना मिलों को गन्ना सप्लाई करने में लग जाते हैं। इस सब के बाद भी किसान खेती करने पर मजबूर हैं क्योंकि बच्चे बेरोजगार हैं।  इन सभी परेशानियों को देखते हुए सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिये। किसानों को सरकार द्वारा पूर्णत: कर्ज मुक्त किया जाना चाहिये एवं सभी फसलों का महंगाई के हिसाब व स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार लागत का डेढ़ गुना दाम तय कर गारंटी देना अनिवार्य कर देना चाहिए। अन्यथा एक दिन किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जायेंगे। तब इस भारत देश का क्या होगा, केवल पूँजीपति ही खेती में नजर आयेंगे। किसान बिरादरी खत्म हो जायेगी। ऐसा हम सभी भारत के किसान कभी सपने मे भी नही होने देंगे।   जिलाधकारी को दिये ज्ञापन में बजाज शुगर मिल बिलाई का बकाया गन्ना सीजन 2021-22 का गन्ना भुगतान 15%ब्याज सहित प्राथमिकता के आधार पर कराने, बिजली विभाग द्वारा जनपद बिजनौर में शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति कराने, ट्यूबवेलों पर मीटर न लगाने, बिजली बिलों की आर० सी० न काटने, जनपद बिजनौर में आवारा पशुओं को पकड़कर गऊशालाओं में तत्काल भेजने की शासन व प्रशासन द्वारा ठोस योजना बनाने, जनपद के सभी क्षेत्रों में आएदिन देखे जा रहे वन्यजीव गुलदारों को वन विभाग द्वारा तत्काल  पकड़वाकर वनों में भेजने, वर्षा न होने के कारण जनपद बिजनौर को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को फसलों का उचित मुआवजा दिलाने आदि की मांग की गई। ज्ञापन में किसानों की सभी मांगों का निराकरण कम से कम समय में शासन व प्रशासन द्वारा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि निराकरण न होने पर जनपद के किसान कोई भी तारीख तय कर एक बड़ा अन्दोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।

धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू, राजपाल भगत जी, वेद प्रकाश, भीम सिंह, वीरेंद्र सिंह, गौरव कुमार, रजनीश कुमार, भूरे, कल्लू, गिरेंद्र, सुंदर सिंह, यशपाल सिंह, रोहित कुमार, शूरवीर सिंह, मुनेंद्र सिंह, रमेश चंद, बृजपाल सिंह, सुभाष चंद्र, धर्मपाल सिंह, राजवीर सिंह, राकेश जी, खेलंदर सिंह, संजीव कुमार, संजीव, देवराज, बिल्लू सिंह, विजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, शकील, सुरेश सिंह, दरोगा जी आदि किसान पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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