बिजनौर। अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह चीन्ह के दे। ये कहावत चरितार्थ कर रहा है कोतवाली देहात अंतर्गत सिखेड़ा बरुकी का राशन डीलर दयाराम। काम बिल्कुल नाम के विपरीत। दया नाम की कोई चीज नहीं, और राम का नाम लेना नहीं। सुबह से राशन लेने को लाइन में लगे उपभोक्ताओं को भरी दोपहरी ने चलता कर देता है। कहता है कि मशीन अंगूठा नहीं पकड़ रही। जिला पूर्ति अधिकारी से शिकायत करने की बात कहो तो सीना ठोंक कर कहता है कि महीना देता हूं, लखनऊ तक कर लो शिकायत।

कोतवाली देहात अंतर्गत सिखेड़ा बरुकी का राशन डीलर राशन बांटने में मनमर्जी कर रहा है। वह एक पत्रकार को अपना खास बताता है। पत्रकार भी वो जिसने अपनी पत्नी को राशन कोटा दिला रखा है। एक बार जिला पूर्ति अधिकारी की जांच में फंसा तो नदी में डूबकर आत्महत्या करने की बात करने लगा। तब जनपद स्तर के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के सहयोग से उसकी गर्दन बच सकी थी।
हर यूनिट पर कटौती- आरोप है कि दयाराम हर यूनिट पर सभी का एक किलो राशन काटता है। अंगूठा लगा कर भी राशन नहीं देता। कई उपभोक्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीन से चार महीने हो गए, वह मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन राधन नहीं देता। फिलहाल अंगूठा नहीं लगने की बात कहकर राशन नहीं बांट रहा। कई उपभोक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो वह उक्त पत्रकार को अपना खास बताते हुए उल्टा चढ़ बैठा। साथ ही सीना ठोंक कर यह भी कहा कि डीएसओ को पैसा देता हूं, लखनऊ तक कर लो शिकायत, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

कभी था एक-एक रुपए के लिए मोहताज- एक समय ऐसा भी था जब राशन डीलर दयाराम एक-एक रुपए के लिए मोहताज था। …लेकिन जुगाड़ बिठाकर राशन डीलर बनने के बाद उसकी संपत्ति में यकायक इजाफा हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि हाल ही में शादी की सालगिरह पर उसने अपनी पत्नी को सोने के दो हार बतौर गिफ्ट दिये।

बिरादरी का देता है खौफ- राशन डीलर अपनी बिरादरी को लेकर भी लोगों को धमकाने से गुरेज नहीं करता। लोगों को दलित उत्पीड़न के फर्जी मामलों में फंसने की धमकी देता है। इस कारण लोग डर की वजह से सामने आने से डरते हैं।
बोले दयाराम- राशन डीलर दयाराम से उनके मोबाइल नंबर 09837869489 पर जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि मशीन अंगूठा नहीं पकड़ रही। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय को अवगत कराया था। उन्होंने लखनऊ से समस्या होने की जानकारी दी है। वह सभी को पूरा राशन दे रहे हैं, कटौती की बात गलत है। हालांकि वह मिलकर बात करने को भी कहता है। अब ये तो सभी जानते हैं कि मिल कर क्या बात होती होगी?
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