newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

वादी पर फैसले का दबाव बनाने और जेल जाने से बचने के लिए आरोपी दे रहे साजिश को अंजाम। रुपयों के अदाईगी की वीडियो का सहारा लेना पड़ेगा भारी। आरोपियों को न्यायालय से जमानत कराने के लिए 14 सितंबर को होना होगा हाजिर।

बिजनौर। बेकरी का बडा झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी व हड़पने के मामले में न्यायालय नगीना में हुई आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट के बाद, अब आरोपीगण कोतवाल से मिलकर पीड़ित/वादी मुकदमा के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा आम हो गयी है। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कस्बा कोटरा निवासी खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद,व इरफान पर लाखों रुपए के गबन, मारपीट व साजिश रचना आदि कई संगीन धाराए हैं, जबकि इनके एक भाई नजमुल ने चैक बाउंस के मामले में  27 जुलाई को अपनी जमानत कराई है।

बताया गया है कि क्षेत्र के कस्बा कोटरा निवासी नजमुल आलम व उसकी पत्नी अकलिमा ने वर्ष 2018 में पुणे में एक बड़ी बेकरी का झांसा देकर नगीना निवासी पत्रकार नौशाद अंसारी से 35 लाख रु ले लिए और विश्वास दिलाने के लिए नोटरी एग्रीमेंट भी हुए थे। पीडित ने लोन के रुपयों में से इन्हें भुगतान किया था। नजमुल के अन्य भाइयों खुर्शीद, फखरे, साजिद व वाजिद ने अपने भाई नजमुल व भाभी अकलिमा पर बकाया रकम को वापस करते हुए नगीना के नई बस्ती फुलवाड में स्थित एक मदरसे में दिनांक 26-09-2019 को 30 लाख रु की रकम लौटा दी। इस रकम के लौटाते समय सबूत के तौर पर दोनों पक्षों की सहमति से एक वीडियो भी बनी, जिसमें खुर्शीद अपने भाई नजमुल का पैसा नौशाद को लौटाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं रकम अदाईगी की तहरीर भी हुई थी। उधर नजमुल के भाईयों खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने फिर नौशाद को अपने झांसे में लेकर मजबूरी बताते हुए 35 लाख रु ले लिये और एक लिखित तहरीर नोटेरी के द्वारा भी हो गयी। खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने जब पैसा समय पर अदा नहीं किया तो पीड़ित नौशाद ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नगीना थाने में 21 अगस्त 021 को मु.अ.स. 309/021 धारा 120 बी 406, 392, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। क्राइम ब्रांच ने दर्ज कराए गए मुकदमे में खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद निवासी कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी निवासी ग्राम बैरमनगर नहटौर के खिलाफ जुर्म अंतर्गत धारा 406, 504, 323, 506, 120बी के आरोप पत्र संख्या 140/022 दाखिल न्यायालय कर दिया। न्यायालय ने सभी आरोपियों खुर्शीद, फकरे पुत्र इकबाल, साजिद, वाजिज पुत्र रफीक कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी बैरमनगर नहटौर को संज्ञान लेते हुए 29 अगस्त कि तारीख निर्धारित की और समन जारी कर दिए। नगीना पुलिस को समन मिलने के बाद भी सम्मनों की तामिल नहीं हुई। वर्तमान में 14 सितंबर की तारीख न्यायालय में लगी है। अब सभी आरोपियों ने जेल जाने के डर से वादी मुकदमा नौशाद अंसारी पर कोतवाल से मिलकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची। इसके क्रम में आरोपियों ने अपने ही गांव के एक चहेते व्यक्ति वसीम को लालच देकर कोतवाल पर कोई बात न आए, झूठी कहानी रचकर न्यायालय में 156(3) में लाखों रुपए हडपने और घर पर जाकर रंगदारी मांगने का प्रार्थना पत्र दिलवा दिया। न्यायालय ने 31 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उधर मुकदमा दर्ज होने से पहले वादी वसीम ने राज खोलते हुए पूरी साजिश बता दी और 03 सितंबर को वादी वसीम ने शपथ पत्र देकर नोटेरी करा दिया कि, मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई। चश्मदीद गवाह अनवर सलीम ने तो यहां तक शपथ पत्र में लिखकर दे दिया कि, वसीम ने जो यह मुकदमा लिखवाया है, वह झूठा और फर्जी है। मेरे सामने इस तरह की कोई घटना नहीं घटित हुई और मेरा नाम चश्मदीद गवाह के रुप मे वसीम ने झूठा लिखवा दिया है। गव़ाह वसीम का अनवर सलीम सगा चचेरा भाई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 05 सितंबर को मु.अ.स. 292/022 दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में पूरा मामला आने के बाद उन्होंने वसीम के मुकदमा को नगीना से हटाकर क्राइम ब्रांच को निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए। दोनो पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद को जेल भेजने की साजिश को नाकाम होता देख कोतवाल प्रिंस शर्मा ने अब उन आरोपियों खुर्शीद, नजमुल, फकरे आदि पर अपना आशीर्वाद का हाथ रंख दिया, जिसमें इन सभी आरोपियों को 14 सितंबर तक न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करानी है।

क्या है वीडियो प्रकरण का सच, रुपयों के अदाईगी की वीडियो पर उछल रहे हैं शातिर ठग…

आरोपी खुर्शीद, नजमुल, फखरे आदि उस वीडियो के आधार पर कोतवाल प्रिंस शर्मा के सहयोग से एक झूठा मुकदमा लिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें नजमुल पर बकाया रुपए दिनांक 26 सितंबर 2019 में बनी सहमति के साथ वीडियो में यह खुद आरोपी 30 लाख रुपये बकाया नजमुल के देते नौशाद को दिख रहे हैं और उसी रकम की अदाएगी की एक तहरीर भी कराए हुए हैं जो नोटेरी एडवोकेट से प्रमाणित है। उधर न्यायालय में दाखिल चार्जशीट मु 309/ 021 में क्राइम ब्रांच ने कहा है कि नजमुल के भाइयों ने नजमुल पर बकाया वर्ष 2018 की तीस लाख रूपए की रकम वादी नौशाद को दिनांक 26-9-2019 को अदा की है। वर्ष 2019 में बनी पेसों के लेन देन की वीडियो के सहारे अब शातिर आरोपी खुर्शीद, फकरे, नजमुल आदि कोतवाल के सहयोग से दोनों पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद पर झूठा केस बनाने की एक और कोशिश में लगे हुए हैं!

Posted in , , ,

Leave a comment