बिजनौर। जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात एक वरिष्ठ कर्मचारी प्रशासनिक मशीनरी के दांवपेंच के बीच फंस कर रह गया है। पैरालिसिस से पीडित उक्त कर्मचारी को प्रशासनिक आधार पर बिजनौर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। तमाम सरकारी शासनादेशों का हवाला देते हुए कर्मचारी भी अपने स्थानांतरण को रद्द करवाने की कवायद करते हुए थक गया, लेकिन बिजनौर के जिला उद्यान अधिकारी ने रिलीव नहीं किया। लगातार उत्पीड़न से तंग कर्मचारी को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर किस दर पर लगाए गुहार!

जानकारी के अनुसार जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात उर्दू अनुवादक सह वरिष्ठ लिपिक वसीम अहमद के विरूद्ध कौसर अली पुत्र कल्लन, मौ० आरिफ पुत्र मकसूद हुसैन व अजीमुश्शान पुत्र जिलेहसन निवासीगण जनपद मुरादाबाद द्वारा मुखामंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी। इस पर वसीम अहमद से दिनांक 4-4-2022 को द्वारा जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। मुरादाबाद मंडल के उप निदेशक उद्यान एसके गुप्ता द्वारा 30 जून 2022 को कहा गया कि संबंधित से मांगे गए स्पष्टीकरण का कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर एवं उच्चाधिकारियों द्वारा वसीम अहमद की कार्यशैली शासकीय नियमावली के प्राविधानों के अनुकूल न रहने पर अन्यत्र स्थानान्तरण किये जाने के दिये गये निर्देशों के क्रम में वसीम अहमद का स्थानान्तरण प्रशासनिक आधार पर जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर कार्यालय के लिए कर दिया गया। पत्र में कहा गया कि श्री अहमद का वेतन अग्रिम आदेशों तक यथावत जिला उद्यान अधिकारी मुरादाबाद द्वारा वेतन मांग पत्र के आधार पर आहरित किया जायेगा। जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद वसीम अहमद को नवीन तैनाती स्थान पर योगदान करने हेतु तत्काल कार्यमुक्त करें। बताया गया है कि उप निदेशक उद्यान मुरादाबाद द्वारा हरजीत नाम के अपने खास सिपहसालार की बातों में आकर अधीनस्थ कर्मचारियों के स्पष्टीकरण की सत्यता को दरकिनार कर उनकी सत्यनिष्ठा एवं कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाकर उत्पीड़ित किया जाता है।
उधर संबंधित उर्दू अनुवादक वसीम अहमद ने 04 जुलाई 2022 को मुरादाबाद के आयुक्त व जिलाधकारी को पूर्व के शासनादेशों का हवाला देते हुए एक पत्र लिखा। इसमें आरोप लगाया कि निदेशक उद्यान मुरादाबाद मण्डल, मुरादाबाद द्वारा उनका स्थानान्तरण जनपद बिजनौर को दिनांक 30 जून 2022 द्वारा किया गया है, जो कि देश के तथा मेरे हित में है। वर्तमान में वह पैरालिसिस से पीडित हैं। उनका इलाज मुरादाबाद में ही राजकीय चिकित्सक डॉ योगेश कुमार से काफी समय से चल रहा है। मुझे चलने-फिरने में कठिनाई होती है तथा वर्तमान में मेरा दाँया हाथ भी सही से चल नहीं पा रहा है। वह इस उत्पीड़न से काफी समय से ग्रस्त चल रहै हैं। वसीम अहमद ने अधिकारी द्वय से उनकी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए स्थानान्तरण निरस्त करने की गुहार लगाई। इस पर 04 जुलाई 2022 को अपर आयुक्त (प्रशासन) मुरादाबाद मंडल ने जिलाधकारी को नियमानुसार कार्यवाही करने की लिखा। वहीं अपर जिलाधकारी (प्रशासन) ने 06 जुलाई 2022 को संज्ञान में लिया।
क्या है शासनादेश!- निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्तर प्रदेश, उद्यान भवन लखनऊ द्वारा दिनांक 13 मई 2022 को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० के अन्तर्गत निदेशालय एवं फील्ड में से सम्बद्ध अन्यत्र सम्बद्ध अधिकारी / कर्मचारी की सम्बद्धता को निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल तेनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। इस पर 23 मई 2022 को निदेशक आरके तोमर ने आदेश पारित कर निदेशालय तथा मण्डल स्तर से लिपिक संवर्ग में पूर्व में अन्यत्र कार्यालय / जनपद में सम्बद्ध किये गये समस्त कर्मचारियों की सम्बद्धता तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल मैनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया। साथ ही कहा कि उपरोक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही की आख्या यथाशीघ्र निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए।
विभागीय वेबसाइट पर पड़े हैं रॉन्ग नंबर? इस संबंध में उपनिदेशक एस के गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया,किंतु विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो दोनों नंबर किसी महिला द्वारा उठाकर रॉन्ग नंबर कहा गया कहा गया। इसके बाद उद्यान अधिकारी बिजनौर जितेंद्र कुमार द्वारा जो नंबर उपलब्ध कराया गया, उस पर बात करने की कोशिश की गई वह मोबाइल नंबर भी किसी महिला द्वारा ही उठाया गया तथा रॉन्ग नंबर बता दिया गया।
बिजनौर डीएचओ ने दरकिनार कर दिया शासनादेश? आरोप है कि जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर ने मुरादाबाद के संबद्ध कर्मचारी को रिलीव नहीं किया। दूसरी ओर तैनाती के समय से खाली बैठे कर्मचारियों को जुम्मा जुम्मा एक हफ्ता पहले उनके कार्य का बंटवारा कर दिया। विभाग में नियुक्त कर्मचारियों का काम अभी तक संविदा पर तैनात कर्मचारी से लिये जाने की सुगबुगाहट है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन किया गया है। कर्मचारी को पनिशमेंट के रूप में बिजनौर भेजा गया है।
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