
बिजनौर। आशा कार्यकत्री वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी आशा बहुओं व आशा संगिनियों ने विभिन्न मांगों व समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि लगभग 25 सौ की संख्या में आशा बहुएं व आशा संगिनी निरन्तर अपनी सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें हेल्थ वैलनेस सेन्टर का कोई पैसा नहीं मिल रहा है। 2 वर्ष से खसरा बूस्टर व डिलीवरी का पैसा नहीं मिला। अप्रैल से अभी तक माह में आने वाले 2200 रुपए भी नहीं मिले। एक अन्य समस्या यह भी है, जब आशा जिला महिला अस्पताल में मरीज लेकर पहुंचती है तो वहां मरीजों को डराया जाता है कि इसका ऑपरेशन होगा परंतु वह डिलीवरी प्राईवेट अस्पताल में जाकर नॉर्मल हो जाती है। खून कम होने पर मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है। वह प्राईवेट में जाकर सही हो जाती है। खून कम होने पर मरीजों के साथ वाली से खून लिया जाता है, वह मरीज को लगाते भी नहीं हैं और खून खराब हो जाता है।
नहीं सुनते सीएमओ- इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी को अवगत कराया गया परन्तु इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आशा व आशा संगिनियों पर नसबन्दी का दवाब डाला जाता है। जब कोई नसबन्दी नहीं कराता है या कोई नसबन्दी फेल हो जाने पर आशा बहु व संगिनियों को हटाने की धमकी दी जाती है। आशाओं व संगिनियों ने जिलाधिकारी से जिला अस्पताल का सुधार करने, आशा व आशा संगिनी को समय पर भुगतान देने, आशा का पैसा अलग-अलग न देकर एक साथ दिए जाने, हर पीएचसी पर मांगे जाने वाले कमीशन को रोके जाने की मांग की। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रेखा पाल, रीना रानी, रीना, यशोदा, गिरजा देवी, महामंत्री शशीबाला, रेखा रानी, पूर्णिमा सहित सैकड़ों आशा व संगिनी मौजूद रहीं।
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