डीलरों व विभाग की मिलीभगत से राशन वितरण प्रणाली चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

बिजनौर। जिले में राशन वितरण में धांधली की शिकायतें आने के बावजूद कोई सुधार होता नहीं प्रतीत हो रहा है। राशन डीलर एक यूनिट पर आधा किलो अनाज कम दे रहे हैं कुछ राशन डीलरों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उन्हें वितरण के लिए आवंटन अनाज प्रति कुन्टल पांच किलो पहले ही कम मिलता है ऊपर से विभाग को भी चढ़ावा चढाना होता है अगर हम पूरा देंगे तो हमें घर बैठना होगा।

गौरतलब है कि कोरोना के समय महिने में दो बार राशन का वितरण किया गया जिसमें भारी घपला किया गया। इसी के चलते ये राशन वितरण राशन डीलरों की बड़ी आय का जरिया बन गया। अधिकांश डीलरों ने मनमाने ढंग से वितरण किया, राशन लेने वाली जनता ने भी कोई शिकायत इसलिए नहीं की कि राशन डीलर नाराज न हो जाये। अब सरकार ने फ्री राशन की योजना बन्द कर दी है तभी से राशन डीलरों ने कटौती करना शुरू कर दिया है। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी से जानकारी की गई तो उन्होंने, हम क्या कर सकते हैं कहकर विवशता जता दी। राशन कम देने का मामला बिजनौर दौरे पर आये प्रभारी मन्त्री के सामने भी उठ चुका है जिस पर जांच कराने की बात कह मन्त्री द्वारा भी औपचारिकता निभा दी गई। राशनकार्ड में भी डीलरों द्वारा हेराफेरी कर राशन का गोलमाल किया जा रहा है कई माह से राशनकार्ड बनवाने के लिए भटक रहे शरीफ ने बताया कि मेरा राशनकार्ड बिना किसी जानकारी के एक साल पहले केन्सिल कर दिया गया था ये जानकारी राशन डीलर से मिली तभी से दो बार आनलाइन आवेदन किया पर अब बताया गया है कि ये राशनकार्ड चालू है तथा इस पर राशन भी दिया जा रहा है। अब शरीफ विभाग के चक्कर काट रहे हैं कि उनके नाम पर कौन किस डीलर से राशन ले रहा है। सूत्रों की माने तो ये सब गोलमाल डीलर व विभाग के बीच का है जो पहले से ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता को गफलत में रख राशन डकार जाते हैं। सरकार ने भले ही आनलाइन सब व्यवस्था कर दी है पर घपलेबाज तू डाल डाल, मैं पात पात, की कहावत चरितार्थ कर अपना उल्लू सीधा करने में कामयाब हैं।
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