
कृषक उत्पादक संगठनों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बिजनौर। महात्मा विदुर सभागार कलक्ट्रेट में गठित कृषक उत्पादक संगठनों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं निदेशक सामाजिक वानिकी नजीबाबाद मनोज शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया.
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह, जिला परियोजना समन्वयक (डास्प) डॉ कर्मवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ केके सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ योगेंद्र प्रताप सिंह योगी एवं जनपद के कृषक उत्पादक संगठनों के चेयरमैन, सीईओ व सचिव तथा जनपद के अग्रणी कृषक कोर कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे. इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आह्वान किया गया कि सभी कृषक उत्पादक संगठन जनपद में बाजार की मांग के अनुसार क्लस्टर के रूप में गुणवत्ता युक्त उत्पादों का उत्पादन करें तथा क्लस्टर के अंदर ही उत्पादित उत्पादों के प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग व विपणन का कार्य सक्षम लोगों से लिए जाने की आवश्यकता है. यदि हमारे किसान कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से एक हो जाएं, उनका एक विचार व एक उद्देश्य हो तो हम एक दूसरे का सहयोग लेने व समन्वय स्थापित करने में सफल होंगे. फिर हमारा दूसरा लक्ष्य होना चाहिए कि हम बाजार की मांग के अनुसार गुणवत्ता युक्त एवं विपणन योग्य उत्पाद का उत्पादन करें तथा उत्पादित उत्पादों का अधिक से अधिक एवं लाभकारी मूल्य प्राप्त करने हेतु विपणन का कार्य योग्य और निपुण हाथों में देना होगा साथ ही इन उत्पादों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन की तकनीक भी हमें सीखनी होगी. इन सब कार्यों के लिए निश्चित रूप से पूंजी की आवश्यकता होगी और जो भी कृषक उत्पादक संगठन अथवा क्लस्टर उक्त कार्य करने के लिए तैयार है तो जिला प्रशासन संबंधित विभाग सहयोग करने के लिए कटिबद्ध है. जनपद में गन्ना, खाद्यान, दलहनी व तिलहनी फसलो, सब्जियों, मसाले, जड़ी-बूटी व फूलों की असीम सम्भावनाएं है.
जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र के द्वारा उक्त कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिलाधिकारी, निदेशक सामाजिक वानिकी नजीबाबाद एवं अन्य अधिकारियों तथा कृषि उत्पादक संगठन के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए इस प्रशिक्षण की विषय वस्तु, उद्देश्य व महत्व से अवगत कराया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक डॉ जेपी शर्मा, महाप्रबंधक, शील बायोटेक द्वारा कृषक उत्पादक संगठन के गठन, संगठनात्मक ढांचे, आवश्यकता एवं महत्व के बारे में विस्तार से प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया गया. योगेंद्र प्रताप सिंह कृषक उत्पादक संगठन की भूमिका एवं लाभ तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. डॉ. केके सिंह द्वारा प्राकृतिक खेती तथा कृषि विज्ञान केंद्र पर प्राकृतिक खेती पर आयोजित ट्रायल एवं नवरत्न हरी खाद तथा रवि फसलों की बायोफोर्टीफाइड प्रजातियों एवं उसके महत्व के बारे में बताया गया. डॉ. सोबन, निदेशक मंडावर कृषक उत्पादक संगठन द्वारा कृषक उत्पादक संगठनों के निर्यात के क्षेत्र में संभावना, देय सुविधाएं, विभिन्न निर्धारित मानक व शर्तें, पैकेज फॉर ग्रांटिंग तथा परिवहन के संबंध में बताया गया. अंत में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र द्वारा क्लस्टर अप्रोच के आधार पर खेती के महत्व और लाभ, प्रसंस्करण व वैल्यू एडिशन पर प्रकाश डालते हुए प्रथम दिवस के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया.
Leave a comment