बिजनौर में पीईटी परीक्षा में दबोचे गए सॉल्वर गैंग के दो सदस्य। मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं अफसर। मामला सामने आने पर प्रशासन के फूल हाथ-पांव।

बिजनौर। पीईटी परीक्षा में सॉल्वर गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा गया है। मामला सामने आने पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। देर रात तक थाना कोतवाली शहर में पुलिस और प्रशासन सॉल्वर गैंग के सदस्यों से पूछताछ में जुटी है। अफसर मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
शनिवार को बैराज रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में पीईटी की परीक्षा थी। दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से पूर्व अभ्यर्थियों को प्रवेश कराया जा रहा था। इसी बीच एक अभ्यर्थी पर शक होने पर प्रवेश करने से रोक दिया। गहनता से जांच करने पर पता चला कि पकड़ा गया युवक अभ्यर्थी नहीं बल्कि सॉल्वर गैंग का सदस्य है। वह अभ्यर्थी की जगह उसके नाम पर परीक्षा देने आया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके एक साथी को दबोच लिया।
एक लाख रुपए में हुआ था सौदा: शहर कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि बुलंदशहर निवासी ब्रिजेश प्रकाश पुत्र चमन प्रकाश की पीईटी की परीक्षा थी। मेरठ के हस्तिनापुर निवासी विवेक राठी पुत्र हरेंद्र राठी के माध्यम से बिहार के जिला पटना के गांव व थाना मुकामा निवासी विशाल पुत्र ओमप्रकाश को परीक्षा में बैठने लाया गया था। विशाल शनिवार को ब्रिजेश के प्रवेश पत्र पर परीक्षा देने आया था। इस दौरान वह धरा गया। विशाल और विवेक राठी को हिरासत में ले लिया गया है। ब्रिजेश की तलाश की जा रही है। पुलिस टीमें दोनों से पूछताछ कर रही है। अभी तक जानकारी में आया है कि एक लाख रुपए में पीईटी परीक्षा में बैठना तय हुआ था। एएसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
कड़े इंतजाम के बीच 20 केन्द्रों पर संपन्न हुई पीईटी परीक्षा

बिजनौर। जिला प्रशासन के कड़े इंतजाम के बीच जिले में बीस केंद्रों पर पीईटी परीक्षा संपन्न कराई गई। दूसरी पाली में एक सॉल्वर गैंग का सदस्य और उसका सहयोगी पकड़े जाने के अतिरिक्त परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई।

जिले में शनिवार को हुई परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर ली थी। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण किए गए थे। जिले में शनिवार को आरजेपी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, वर्धमान डिग्री कॉलेज, आरबीडी, राजकीय पॉलिटेक्निक, कृष्णा कॉलेज आदि 20 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई। पहली पाली की परीक्षा 10 बजे से 12 बजे तक हुई। आधा घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र के दरवाजे बंद हो गए थे। सभी परीक्षार्थियों की तलाशी लेकर उन्हें परीक्षा देने के लिए प्रवेश दिया गया। डीएम से लेकर एसपी आदि प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि पूरी तरह नजर बनाकर रखे हुए थे। परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 20 केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए थे। परीक्षा देने के लिए सुबह 8 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के आसपास परीक्षार्थी पहुंचने लगे थे। जिले से रोडवेज की बस बिजनौर के परीक्षार्थियों को लेकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली आदि के लिए समय पर रवाना हुई। दूसरी पाली की परीक्षा में भी कमोवेश यही हालात रहे।
जाम के हवाले रहा शहर

पीईटी परीक्षा के चलते दिनभर शहर जाम के हवाले रहा। परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते रोडवेज और प्राइवेट वाहनों में भारी धक्कामुक्की देखने को मिली। देर शाम तक ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करती दिखी।
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