
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने की माँ गंगा की आरती
(संदीप जोशी )
बिजनौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गंगा समग्र इकाई के जिला संयोजक ओमप्रकाश द्वारा साप्ताहिक गंगा आरती का आयोजन विदुर कुटी के गंगा घाट पर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हर्ष चौधरी ने गंगा गीत के द्वारा की। जिला संयोजक ओमप्रकाश ने भारतीय संस्कृति की पांच मुख्य स्तंभों में से एक गंगा मां के महत्व को सभी गंगा भक्तों को बताया। उन्होंने गंगा समुद्र के सभी 15 आयाम किस प्रकार से गंगा को स्वच्छ निर्मल अविरल बनाने के लिए प्रयासरत हैं उसके बारे में विस्तृत चर्चा की। गंगा आरती में मुख्य अतिथि डॉ मंजू चौधरी ने भारतीय संस्कृति में गंगा की सामाजिक आर्थिक धार्मिक महत्व के साथ साथ उसकी वैज्ञानिक पहलू की भी चर्चा की। डॉ मंजू ने बताया कि गंगा की धारा सिर्फ जलधारा नहीं है बल्कि यह भारत की संस्कृति, सभ्यता, दर्शन और जीवन की धारा है। गंगा का जल शुद्ध रखने के लिए गंगा में किसी भी प्रकार की मूर्ति का विसर्जन फूलों व अन्य सामग्री का विसर्जन बिल्कुल ना किया जाए और जो भी धार्मिक अनुष्ठान होते हैं उनमें घरों में मिट्टी की या गोमय से बनी हुई छोटी मूर्ति रखें, जिसको अपने घर के गमलों में ही विसर्जित कर लें। पूजा के फूलों को किसी भी गमले में, बाग बगीचे या सड़क के किनारे मिट्टी में रोपित करें, जिससे वातावरण हरा भरा व शुद्ध रहे और गंगा पवित्र और निर्मल रहे। गंगा में जो मछलियां और जलीय जीव हैं उनका भी हमें विशेष ध्यान रखना है क्योंकि उनके द्वारा ही गंगा की जल को स्वच्छ निर्मल रखा जाता है। गंगा की विदुर कुटी घाट को आरती से पहले सभी गौ भक्तों स्वयं सफाई करेंगे और वहां वृक्षारोपण का कार्यक्रम करेंगे। इस तरह का संकल्प गंगा आरती में लिया गया। गंगा भक्तों ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए अपने हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया और अधिक से अधिक संख्या में इस साप्ताहिक गंगा आरती में सम्मिलित होने का आह्वान करते हुए डॉ मंजू चौधरी ने विदुर कुटी की घाट के पास गंगा की धारा को लाने के लिए प्रशासन से मांग की।
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