बिना सुविधा शुल्क लिए काम करने को तैयार नहीं विद्युत विभाग के कर्मचारी। रिश्वत न मिली तो उतार ले गए केबिल। मुख्यमंत्री पोर्टल व पश्चिमांचल के अधिकारियों से शिकायत।

बिजनौर। विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी सुधरने को तैयार नहीं हैं। बिना सुविधा शुल्क लिए कुछ भी करना उन्हें रास नहीं आता, चाहे विभाग अथवा उपभोक्ता को इसकी कितनी भी कीमत क्यों ना चुकानी पड़े। ऐसा ही एक मामला बिजनौर में प्रकाश में आया है, जहां कनेक्शन स्वीकृत होने के और केबिल लग जाने के बाद भी विभाग के अधिकारी बिना वसूली के मीटर लगाने को तैयार नहीं है। पीड़ित उपभोक्ता ने जब अधिकारियों से मीटर लगाने की गुहार की, तो विभाग ने मीटर लगाने के बजाय उपभोक्ता का केबिल उतार कर उसे अंधेरे में पहुंचा दिया। पीड़ित उपभोक्ता ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल व पश्चिमांचल के अधिकारियों से की है।
दरअसल मामला बिजनौर विद्युत वितरण खण्ड प्रथम क्षेत्र का है, नूरपुर मार्ग पर न्यू सिटी कॉलोनी में श्रीमती मंजू शर्मा ने मकान बनाया है। उन्होंने जुलाई माह में विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया की औपचारिकता करने के बाद विभाग ने केबिल डाल दिया। केबिल डालने के बाद विभाग का मेहराब नामक मीटर लगाने वाला कर्मचारी मौके पर पहुँचा और उसने मकान की वीडियो बनाकर कनेक्शन प्रक्रिया को ही गलत बता दिया और उपभोक्ता को कनेक्शन काटने की धमकी दी। कर्मचारी ने जब उसने मीटर लगाने की एवज में उम्मीद से ज्यादा धनराशि मांगी तो उपभोक्ता ने इंकार कर दिया। मीटर लगाने वाले कर्मचारी का मानना था उसे मीटर के हिसाब से जेई से लेकर अधिशासी अभियंता से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों को हिसाब करना पड़ता है। उसका तो पेट्रोल का खर्च भी नहीं निकल पाता। उपभोक्ता को मीटर लगाने का मैसेज विभागीय अधिकारियों ने आठ अगस्त को होना जारी दिखा दिया।
पूरे मामले की शिकायत उपभोक्ता ने जब अधिकारियों से की तो उन्होंने मीटर लगवाने के बजाय पूरा केबिल उतरवा लिया। अब उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर है। उसने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और पश्चिमांचल की हेल्प लाइन पर दर्ज करा दी है।
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