
वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कृषक गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
फसल अवशेष प्रबंधन पर कृषक गोष्ठी
बिजनौर। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना एवं देवरा मिट्टी जाँच केंद्र स्योहारा द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन पर कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र एवं वरिष्ठ समाजसेवक डॉक्टर विनीत देवरा मौजूद रहे। कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर केके सिंह, डॉक्टर पिंटू कुमार, डॉक्टर शिवांगी एवं डॉक्टर प्रथिमा मौजूद रहे। जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे किसानों का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार जनपद बिजनौर देश भर में ही नहीं, बल्कि सारे विश्व में निर्यात द्वारा अपने पैदावार को सप्लाई कर रहा है। साथ ही साथ उन्होंने मिट्टी जाँच पर जोर देते हुए उसे खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। केवीके वैज्ञानिकों ने फसल अवशेष को जलाने के नुकसान जैसे कि कैंसर, अस्थमा आदि से अवगत कराया। उन्होंने कृषकों को कई ऐसे सुझावों से अवगत कराया, जिनसे फसल अवशेष से खेती में ज़्यादा से ज़्यादा लाभ प्राप्त हो सके। सभी वैज्ञानिकों ने मिट्टी की हैल्थ में गिरावट को देखते हुए कृषकों को जागरूक किया एवं मिट्टी जाँच के प्रति प्रोत्साहित किया। देवरा मिट्टी जाँच केंद्र के एमडी अक्षत देवरा द्वारा चलाए गए मिट्टी बचाओ अभियान के अंतर्गत हुई इस कृषक गोष्ठी में आंकड़ों द्वारा मिट्टी की बिगड़ती हैल्थ से कृषकों को अवगत कराया गया। संचालन बिज ओर्गेनिक्स के शकील अहमद ने किया। डॉक्टर विनीत देवरा ने बताया कि किस प्रकार हम अपने आने वाले पीढ़ियों की मदद लेकर, उनके तकनीकी तजुर्बे को खेती में इस्तेमाल करके खेती से भी अधिक से अधिक मुनाफ़ा कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमें खेती को सिर्फ़ खेती के रूप ना लेकर एक व्यवसाय के नज़रिए से देखते हुए काम करना चाहिए। युवा किसान लक्ष्य त्यागी एवं मनोज द्वारा ब्रैंडिंग/पैकिजिंग एवं मशरूम खेती पर विस्तारित रूप से कृषकों को बताया गया।




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