
युवा नेता रजत रस्तोगी उर्फ शैंकी ने नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में ठोकी ताल
34 साल से रस्तोगी परिवार का है वार्ड नंबर 20 पर कब्जा
बेदाग़ छवि और मिलनसार व्यवहार के कारण नगर में है मजबूत पकड़
स्योहारा। नगर निकाय चुनाव नजदीक आते ही सरगर्मी तेज हो गई है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है सभी उमीदवारों के समीकरण और रुझान भी बदलते दिखाई दे रहे हैं। जहां राजनीतिक पार्टियों से कई भावी उम्मीदवार चुनावी मैदान में है तो वहीं दूसरी ओर निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में ताल ठोक चुके हैं। इसी कड़ी में नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुप्रसिद्ध समाजसेवी, व्यापारी एवं युवा नेता पूर्व सभासद रजत रस्तोगी उर्फ शैंकी भी चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। बेदाग़ छवि और मिलनसार व्यवहार के कारण नगर में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले रजत रस्तोगी और शैंकी के परिवार को राजनीति में महारत हासिल है। यह परिवार 34 वर्षों से वार्ड नंबर 20 में बेदाग छवि और विकास कार्यों के कारण लगातार राजनीति करता चला आ रहा है। सन 1988 में युवा नेता रजत रस्तोगी के पिता सुनील कुमार रस्तोगी ने वार्ड नंबर 20 से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। वह 1988 से 2006 तक लगातार सभासद रहे। 2006 में उनकी मृत्यु होने के बाद 2007 में रजत रस्तोगी की माताजी अर्चना रस्तोगी वार्ड नंबर 20 से चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की। वह भी 2007 से 2012 तक सभासद रहीं। उसके बाद 2012 में रजत रस्तोगी इस वार्ड से चुनाव लड़े और ऐतिहासिक जीत हासिल की। इसके बाद रजत रस्तोगी के बड़े भाई सनी रस्तोगी भाजपा से इसी वार्ड पर चुनाव लड़े और जीत दर्ज कराई। वार्ड नंबर 20 पर रस्तोगी परिवार का 34 वर्षों का राजनीतिक इतिहास रहा है। अपने माता-पिता के रास्ते पर चलकर युवा नेता रजत रस्तोगी हर धर्म व समाज मे अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। नगर का हर वर्ग चाहता है कि रजत रस्तोगी उर्फ शैंकी उनके जनप्रतिनिधि बने औऱ हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर नगर का विकास करें। युवा नेता रजत रस्तोगी ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लडने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव लड़ने का उद्देश्य खुद को ऊंचा करना नहीं बल्कि नगर को ऐसा माहौल देना है जिसमें विकास, प्रेम व भाईचारा हो। फिलहाल रजत रस्तोगी के चुनाव मैदान में उतरने से कई उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
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