नकली नोट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़
आधी कीमत पर बेचते हैं नकली नोट। नकली करेंसी की बड़ी खेप लेकर जाने की फिराक में थे राजस्थान। पुलिस ने 50 सीसीटीवी कैमरों को खंगाल कर आरोपियों को पहचाना।
बिजनौर। उत्तराखंड की रायपुर थाना पुलिस ने मंडावर जिला बिजनौर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नकली नोट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। उनके कब्जे से नौ हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं। आरोपी नकली नोट आधी कीमत पर बेच रहे थे। आरोपियों के पास से मिले नकली नोट 500 रुपए के हैं।
रायपुर थाना के दरोगा राजीव धारीवाल ने मुखबिर की सूचना पर टीम संग रायपुर स्थित शराब ठेके के पास पहुंच कर जाल बिछा दिया। शक के आधार पर दो युवकों से पूछताछ की तो वे हड़बड़ा गए। इस पर पुलिस ने उनकी जामा तलाशी ली। आरोपियों के कब्जे से 500 रुपए वाले कुल नौ हजार कीमत के नकली नोट मिले। आरोपी कुछ संदिग्धों से संपर्क कर उन्हें नोट देने आए थे। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को उन्होंने नकली नोट दे भी दिए थे।

दरोगा राजीव धारीवाल ने बताया कि नकली नोट बेचने के आरोप में अवनीत कुमार (30) निवासी खानपुर माधौ मंडावर और विनय कुमार (23) निवासी रतनपुर मंडावर जिला बिजनौर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ नकली नोट के अवैध कारोबार को लेकर केस दर्ज किया गया है। आरोपी नकली नोट उस पर दर्ज कीमत से आधे के असली नोट लेकर बेच रहे थे।
नोएडा का है मास्टरमाइंड: पूछताछ में पता चला कि नोएडा सेक्टर~22 से केशव नाम का व्यक्ति ₹500 के असली नोट के बदले 4 नोट 500 रुपए के नकली के हिसाब से देता है। अभी तक दोनों ही अभियुक्तों ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों में हजारों रुपए के नकली नोट बाजार में चलाए है। पुलिस की पकड़ में आने से पहले दोनों ही आरोपी नकली करेंसी की एक बड़ी खेप लेकर राजस्थान जाने की फिराक में थे। उससे पहले उनको देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड केशव का पूरे उत्तर भारत में जाली नोटों का धंधा है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

आरोपियों की पहचान को खंगाले 50 सीसीटीवी कैमरे: पुलिस के अनुसार पिछले कुछ दिनों से देहरादून के अलग-अलग इलाकों में नकली नोट चलाने वाले गिरोह की शिकायत मिल रही थी। जिन इलाकों के बाजारों में नकली नोट चलाने की शिकायत मिली थाना रायपुर पुलिस ने वहां के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तब दो संदिग्धों की पहचान हो सकी।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी: आरोपी अवनीत कुमार ने पूछताछ में बताया कि काफी समय से बीमार पत्नी के इलाज में बहुत रुपए खर्च हो गए। इस बीच उसे सोशल मीडिया के माध्यम से नकली करेंसी चलाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड केशव का पता चला। यहीं से मन में लालच आया और फिर वह उससे मिला। इसके बाद अवनीत अपने साथी विनय के साथ मिलकर केशव से असली नोटों के बदले नकली नोटों की छोटी-छोटी खेप मार्केट में चलाने लगा।
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