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जनपद में हुआ जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन, जिलाधिकारी ने की बैठक

20 फरवरी को बिजनौर महोत्सव का आयोजन किया जाना प्रस्तावित-जिलाधिकारी

अमानगढ़ का गेट खुल जाने से बिजनौर का भाग्य बदल जाएगा-जिलाधिकारी

जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आमजन को अभियान का हिस्सा बनाएं-जिलाधिकारी

भावी पीढ़ी को हो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक व पौराणिक धरोहरों की जानकारी, स्कूल व कॉलेजों में करें युवा पर्यटन क्लब की स्थापना-जिलाधिकारी

जनपद में 14 स्मारक एएसआई संरक्षित-मुख्य विकास अधिकारी

जनपद के 12 ग्रामों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा-पर्यटन अधिकारी

बिजनौर। जनपद में ईको टूरिज्म, वैलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, क्राफ्ट टूरिज्म एवं वाटर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। जनपद के 12 से अधिक ग्रामों में ग्रामीण ईको टूरिज्म एवं फॉर्म व होमस्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा तथा जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व पौराणिक धरोहरों को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आगामी 20 फरवरी को बिजनौर महोत्सव का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। गंगा बैराज में हाट बाजार बनाया जाएगा।

कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमानगढ़ का गेट खुल जाने से बिजनौर का भाग्य बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद के 12 ग्रामों में ग्रामीण/ एग्रो पर्यटन एवं फार्म व होमस्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। उक्त पर्यटन ग्रामों में शेड लगाए जाएंगे, सार्वजनिक शौचालय व द्वार बनाये जाएगे तथा उन्हें पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनपद के मुख्य पर्यटन स्थलों में निजी उद्यमी व संस्थान वैलनेस सेंटर बनाएं। पर्यटन क्षेत्रों में सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी हो, इस पर भी कार्य किया जाएगा।आगामी 20 फरवरी को बिजनौर महोत्सव का आयोजन कराए जाना प्रस्तावित है, इसके लिए 20 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आमजन को इस अभियान का हिस्सा बनाएं। भावी पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक व पौराणिक धरोहरों की जानकारी हो, इसके लिए जनपद स्तर पर युवाओं में पर्यटन के प्रति जागरूकता एवं रुचि बढ़ाए जाने के उद्देश्य एवं स्थानीय पर्यटन के विकास में उनकी भूमिका स्थापित किए जाने हेतु कक्षा 6 से 12 तक के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में कम से कम 25 छात्रों के समूह में युवा पर्यटन क्लब की स्थापना कराई जाए।

उन्होंने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। दूसरे जनपदों, प्रदेशों व विदेशों में रहने वाले लोगों को जब बिजनौर के अपार पर्यटन की संभावनाओं व यहां की सांस्कृतिक, पौराणिक, पुरातात्विक व ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी होगी, तो वह यहां आएंगे इससे यहां उद्यम को भी विकास मिलेगा और रोजगार सृजन भी होगा। उन्होंने कहा कि नुमाइश ग्राउंड के शेड को विधायक निधि से बढ़िया बनाया जाएगा ताकि वहां क्राफ्ट मेला आदि कार्यक्रम आयोजित किए जा सके।

उन्होंने बताया कि राज्य योजना के तैहत मोटा महादेव मंदिर, दारा नगर, झारखण्डी मंदिर, अमानगढ टाइगर रिज़र्व का पर्यटन विकास सहित राज्य योजना व जिला योजना वर्ष 2022-23 के अन्तर्गत प्रस्तावित है।

मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने कहा कि जनपद में पर्यटन को बढावा देने की अपार संभावनाएं है क्योंकि जनपद में अनेकों पर्यटन स्थल हैं, जिससे पर्यटक आकर्षित होते हैं। उन्होंने उद्यमियों के संवेदीकरण व उन्हें जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जूम बैठक कराने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में 14 स्मारक एएसआई संरक्षित है।

पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि जनपद के विभिन्न आकर्षणों जैसे पौराणिक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा संवर्धन विभिन्न पर्यटन स्थलों से जुड़े व्यक्तियों कलाकारों एवं स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के साधनों का सृजन तथा सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना, जनपद के विभिन्न विशेषज्ञों को पर्यटन विकास कार्यक्रमों सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना एवं प्रचार व प्रोत्साहन करना, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास में होने वाले गतिरोध व समस्याओं का चिन्हीकरण करते हुए उनका समाधान करने हेतु शासन के निर्देश पर जिला अधिकारी के अनुमोदन पर जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन कर लिया गया है। इस परिषद को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीयन भी करा लिया गया है तथा इसका एक खाता केनरा बैंक में खोला गया है। उन्होंने बताया कि निजी उद्यमी, संस्थान आदि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसमें सहयोग धनराशि भी दे सकते हैैं।

उन्होंने बताया कि जनपद के 12 ग्रामों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा, उसमें ताजपुर, दारानगर, धीमारपुरा, पर्वतपुर, काशीवाला, रावली, पैजानिया, खेड़ीपुर हेमराज (गंगा बैराज), कुंदनपुर टीप, सुल्तानपुर (मथुरापुर मोड), खेड़की व नगीना है। उन्होंने बताया कि परिषद के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु प्रबंध कारिणी का भी गठन किया गया है, जिसमें 10 सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद में 25 सदस्य हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, जिला वन अधिकारी डा0 अनिल पटेल, राहुल चौधरी, सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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