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एनआरएलएम घोटाले में आरोपियों को बचाने की तैयारी! दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के सीडीओ ने दिए हैं निर्देश। आरोपियों की सेवा समाप्ति के लिए भी शासन को लिखना था पत्र।

बिजनौर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को होने वाले पोषण आहार वितरण में लाखों के घोटाले की खबर है। फिलहाल हल्दौर ब्लॉक में घोटाला पकड़ में आने के बाद दो ब्लॉक मिशन मैनेजर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने में लीपापोती की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले के हर ब्लॉक में महिला स्वयं सहायता समूह गठित हैं। स्वयं सहायता समूह आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण आहार आवंटित करते हैं। जो गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को वितरित होता है। समूहों के कार्य की निगरानी के लिए ब्लॉक मिशन मैनेजर नियुक्त हैं। हल्दौर ब्लॉक में दो ब्लॉक मैनेजर कार्यरत हैं। ग्रामीणों की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार वितरण आदि में अनियमितताओं की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा से की गई थी, जिस पर 44 समूहों की जांच कराई गई।

छह लाख का घोटाला, बढ़ सकती है धनराशि
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि हल्दौर ब्लॉक में 92 ग्राम पंचायतों के 305 आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाद्यान्न वितरण का कार्य किया गया। जांच में पाया गया कि ब्लॉक मिशन मैनेजर हितेंद्र कुमार द्वारा 63 स्वयं सहायता समूहों से धनराशि की मांग की गई तथा 22 स्वयं सहायता समूहों से अवैध वसूली कर गबन किया गया। ब्लॉक के 44 समूहों की जांच में पोषण आहार वितरण एवं शासन से मिले पैसे में प्रथम दृष्टया छह लाख की गड़बड़ी सामने आई है। 25 समूहों की जांच चल रही है। घपले की धनराशि बढ़ सकती है। सीडीओ के अनुसार घोटाले के आरोप में दोनों ब्लॉक मिशन मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बयान अलग अलग~ डीसी ज्ञान सिंह का कहना है कि थाना पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। पुलिस का कहना है कि दर्ज करने लायक कुछ है ही नहीं। इसके विपरित थानाध्यक्ष उदय प्रताप का कहना है कि ज्ञान सिंह थाने आए तो थे, लेकिन उन्होंने कोई लिखित तहरीर नहीं दी।

एनआरएलएम का कार्य~  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा विकास खण्ड से खाद्यान्न सामग्री उठाकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वहन की जाती है। समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाद्यान्न बंटवाने में भी सहयोग करती हैं। इसके एवज में उन्हें पारिश्रमिक दिया जाता है।

दो सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट~ सीडीओ ने विकास खण्ड हल्दौर में माह अक्टूबर 2020 से माह मार्च 2021 तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा सहयोग किये जाने के प्रतिफल में मिली धनराशि के वितरण में अनियमितता बरते जाने की जांच हेतु सहायक विकास अधिकारी अजय पाल व अरिन्द्र कुमार की दो सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति को विकास खण्ड हल्दौर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ड्राई राशन वितरण में अनियमितता मिली। आरोप है कि ब्लॉक मिशन मैनेजर हितेंद्र कुमार द्वारा 21 स्वयं सहायता समूहों से 6 लाख 54 हजार 500 रुपए की धनराशि नकद / अपने बैंक खाते में हस्तांतरित कराकर जबरन वसूली की गई। इसी तरह एक अन्य ब्लॉक मिशन मैनेजर प्रभाकर सिंह ने 18 हजार रुपए की धनराशि अवैध रूप से वसूल की।

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