गैस एजेंसी स्वामी देवेंद्र चौधरी को सभी वर्गों का समर्थन
बिजनौर। किरतपुर नगर निकाय का चेयरमैन पद आरक्षित होने से नगर में राजनीतिक बवंडर मच गया है। चेयरमैन पद के लिए ताल ठोंक रहे प्रत्याशियों को बहुत बड़ा झटका लगा है तथा नगर में राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं।

नगर के राजनीतिक गलियारों में कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है। चेयरमैन पद की सीट एससी होने से इस पद के लिए नए~नए नाम सामने आ रहे हैं। संभावित प्रत्याशियों में सबसे मजबूत यदि कोई प्रत्याशी नजर आ रहा है तो वह गैस एजेंसी स्वामी देवेंद्र चौधरी हैं। एससी सीट होने से लोग उनकी जीत को पक्का मानकर चल रहे हैं। क्षेत्र में अपनी एवं अपने पुत्र ब्लाक प्रमुख अंकित चौधरी की मिलनसार छवि और मृदुल स्वभाव से उन्होंने नगर में अपनी एक मजबूत पकड़ बना रखी है। हिंदू एवं मुस्लिम दोनों ही वर्गों के लोगों में पिता पुत्र काफी लोकप्रिय हैं, जिससे चेयरमैन के चुनाव में उनकी जीत लोग सुनिश्चित मानकर चल रहे हैं।
गौरतलब है कि इस बार बिजनौर जिले की दो पालिकाओं किरतपुर और शेरकोट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। बाकी दस पालिकाओं में अध्यक्ष पद की सीट सामान्य है। वहीं बिजनौर पालिका को इस बार अनारक्षित कर दिया गया है, जबकि पिछली बार महिला के लिए आरक्षित थी। पिछली बार हुए चुनाव में जिले में सिर्फ हल्दौर पालिका ही एससी वर्ग के लिए आरक्षित थी। इस बार हल्दौर को अनारक्षित की श्रेणी में कर दिया गया है। वहीं पालिका किरतपुर को इस बार एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। शेरकोट में अध्यक्ष अनुसूचित जाति का ही बनेगा। नगर पंचायतों की बात करें तो जिले में झालू को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। बाकी पांच नगर पंचायतों में कोई भी चुनाव लड़ सकेगा।
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