स्योहारा में अवैध खनन का चल रहा खेल, यहां कायदे- कानून सब फेल?
पूर्व में डीआईजी के आदेश पर एसपी बिजनौर ने स्योहारा इंस्पेक्टर व छह पुलिसकर्मियों को किया था लाइन हाजिर
देखना है कि पूर्व के जैसी कार्यवाही होती है या नहीं वर्तमान में
बिजनौर (स्योहारा)। खनन माफियाओ के बढ़ते हौसले व प्रशासनिक अधिकारियों से गठजोड़ के चलते खनन रोकने के लिए बनाए गए सभी कायदे और कानून फेल साबित हो रहे हैं! कुछ माह पूर्व स्योहारा क्षेत्र में खनन को लेकर कुछ पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद भी क्षेत्र में लगातार चल रहे खनन ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। कई साल से यह सिलसिला जारी है। अवैध खनन का खेल क्षेत्र में कब खत्म होगा, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है?

स्योहारा में कई स्थान अवैध खनन का गढ़ बन चुके हैं। प्रमुख रूप से नियामतबाद के भूड़ का जंगल, बुढ़नपुर की भूड़, मुरादाबाद रोड क्षेत्र को अवैध खनन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर डालने के साथ-साथ नियम और कानूनों की एक लिस्ट भी जारी की गई है। अवैध खनन के मामले में पुलिस को उसी के आधार पर कार्रवाई करनी होती है। कहा जाता है कि अगर पुलिस नियम, कायदे और कानूनों का पालन करे तो अवैध खनन पूरी तरह से बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। अवैध खनन सालों से बदस्तूर जारी है। समय-समय पर पुलिसकर्मियों पर खनन माफिया के साथ मिलीभगत के भी आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में खनन को लेकर डीआईजी के आदेश पर एसपी बिजनौर ने खनन माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप में स्योहारा थानाध्यक्ष सहित कुछ पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था, तो कुछ को तबादला भी किया गया। इसके बाद भी अवैध खनन है कि बंद होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
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