मासिक पंचायत गन्ना समिति परिसर बिजनौर में संपन्न
विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बिजनौर। किसानों की प्रमुख समस्याओं को लेकर गन्ना समिति परिसर बिजनौर में भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया।
पंचायत में भाकियू लोकशक्ति के उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी व बिजनौर जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह के नेतृत्व में भाकियू लोकशक्ति पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इस दौरान किसानों के विभिन्न प्रमुख मुद्दों पर चर्चा और एक बड़ा आंदोलन करने पर विचार किया गया। इसके बाद किसानों के बीच पहुंचे उपजिलाधिकारी बिजनौर सदर को किसानों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया गया।
मासिक पंचायत को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने बताया कि हमारे भारत वर्ष को कृषि प्रधान देश की संज्ञा दी जाती है। लेकिन इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यही है, यहां किसान की हमेशा उपेक्षा की जाती है। इस देश और प्रदेश में किसान की हालत बहुत खराब है। किसानों को ना तो उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलता है और ना ही समय से भुगतान किया जाता है। शुगर मिलों का संचालन शुरू हुए महीनों बीत गये लेकिन अभी तक सरकार द्वारा गन्ने का भाव भी घोषित नहीं किया गया है। सरकारों की इन्हीं नीतियों के कारण आज किसानों की आर्थिक स्थिति भी विचारणीय बनी हुई है। कर्ज चुकाने के दबाव में हर साल पता नहीं कितने किसानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़ते हैं।
जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने कहा कि किसी भी किसान का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान हित के लिए भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति संगठन किसी भी संघर्ष को तैयार है। अगर किसानों की प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति संगठन के बैनर तले जिले में बहुत बड़ा आंदोलन किया जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
इस दौरान गन्ना समिति बिजनौर में किसानों के बीच पहुंचे उप जिलाधिकारी सदर बिजनौर अमित कुमार को किसानों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित किसानों की प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप कर सभी समस्याओं के शीध्र निस्तारण की मांग की।
ज्ञापन में किसानों की प्रमुख मांगे –
1 – जिन शुगर मिलों पर पिछले पिराई सत्र 2021–2022 के गन्ने का बकाया भुगतान शेष है उसे अविलंब भुगतान कराया जाए।
2- चालू पिराई सत्र में गन्ने का भुगतान 14 दिन के भीतर कराने का प्रावधान लागू किया जाए ऐसा ना करने वाली शुगर मिलों पर मुकदमा दर्ज करके उनके अधिकारियों को जेल भेजा जाए।
3- गन्ने की फसल में लागत के अनुसार गन्ने का भाव 500 रू/क्विंटल अविलंब घोषित किया जाए।
4- शुगर मिल गेट व उनके क्रय केंद्रों पर होने वाली घटतौली को पूर्ण रूप से बंद कराया जाए।
5- किसानों को कम दरों पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध करायी जाए।
6- बिजली की जर्जर व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए।
7- चंदक रेलवे फाटक पर किसानों व राहगीरों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में यहां फ्लाईओवर /अंडरपास बनवाया जाए।
8- किसानों पर बैंकों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाए।
9- 60 वर्ष से ऊपर के किसानों व मजदूरों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
10- निराश्रित घूम रहे गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाने की उचित व्यवस्था की जाए।
11-गंगा जी से होने वाले कटान को रोकने के लिए स्थायी तटबंध बनाएं जाए।
12- ट्रैक्टर सवारी पर लगने वाले जुर्माना कानून को रद्द किया जाए आदि।

मासिक पंचायत में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष चौ. वीर सिंह सहरावत, राष्ट्रीय महासचिव चौ. पदम सिंह, प्रदेश महासचिव चौ. सतबीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रामकुमार सिंह, मंडल महासचिव अमरीश चौधरी, मंडल प्रभारी जग्गन अली, युवा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी, जिला मिडिया प्रभारी डा. अरूण कुमार, मनीष चौधरी, योगेन्द्र सिंह काकरान, गौरव चौधरी, फुरकान अली, सरदार जरनैल सिंह, तारा सिंह, राहुल चौधरी, सुखवीर सिंह, नरेश कुमार, अमित कुमार, प्रीतम सिंह, नौबहार सिंह, फूल सिंह, कामेंद्र सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, आदिल आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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