पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप
बेटी स्वाति समेत पूर्व विधायक रुचि वीरा बसपा से निष्कासित
बिजनौर। पूर्व विधायक रुचि वीरा और उनकी बेटी स्वाति वीरा को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने निष्कासित कर दिया है। निकाय चुनाव में सपा से टिकट के लिए बेटी को दावेदार बनाने के बाद उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में यह कार्रवाई की गई।
बसपा जिलाध्यक्ष दलीप कुमार (पिंटू) ने बुधवार को पत्र जारी कर जानकारी दी कि पूर्व विधायक रूचि वीरा और उनकी बेटी स्वाति वीरा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने उन्हें कई बार उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में आगाह किया था। इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं होने पर यह निर्णय लिया गया है।

पहले भी हो चुकीं हैं बसपा से निष्कासित
इससे पहले सितंबर 2019 में पूर्व विधायक व आंवला सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुकीं रूचि वीरा को बसपा ने अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित कर दिया था।तत्कालीन बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की छानबीन कराने के बाद ही उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई। दरअसल रूचि वीरा बिजनौर में हुए वैश्य सम्मेलन में शामिल हुई थीं। इस सम्मेलन में जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल समेत कई नेता मौजूद थे। चूंकि सम्मेलन में भाजपा नेता की मौजूदगी थी, इसलिए यह बात बसपा हाईकमान को नागवार गुजरी।

माना जाता है आजम खान का नजदीकी
रूचि वीरा 2014 के उपचुनाव में सपा के टिकट पर पहली बार विधायक बनी थीं लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया। बसपा ने बिजनौर लोकसभा सीट से उन्हें टिकट दिया था। विरोधियों ने लामबंदी करके उनका टिकट कटवा दिया। बिजनौर से लोकसभा का टिकट हासिल करने के लिए रूचि वीरा ने खूब कोशिश की, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बाद में उनकी जगह सांसद मलूक नागर को टिकट थमा दिया गया। इसके बाद रूचि वीरा को आंवला लोकसभा सीट से टिकट दे दिया गया। आंवला से रूचि वीरा चुनाव हार गईं। वह राजनीति का अपना नया घर बसपा में ही तलाश रही थीं, जबकि उनको आजम खान का नजदीकी भी माना जाता है। सपा में रहते हुए उनके आजम खां से नजदीकी संबंध रहे हैं। उनके विरोधियों ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती तक यह बात पहुंचाई। इसके चलते ही रूचि वीरा के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। हाईकमान के निर्देश पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

स्वाति वीरा के कारण सपा के प्रबल दावेदारों में हड़कंप
निकाय चुनाव में पूर्व विधायक रुचि वीरा के अपनी इकलौती बेटी स्वाति वीरा को बिजनौर शहर सीट पर सपा से टिकट दिलाने की रणनीति को देखते हुए टिकट के अन्य प्रबल दावेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में निश्चित तौर पर बिजनौर नगर के समीकरण बदलने के आसार हैं क्योंकि बिजनौर क्षेत्र में उन्हें काफी मजबूत नेता माना जाता है। रुचि वीरा ने मुस्लिमों पर अच्छी पकड़ होने के साथ ही अन्य बिरादरी में भी पैठ बना रखी है।
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