पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर और पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने छोड़ी भाजपा
हरजिंदर कौर अपने लिए और नीरज शर्मा अपनी पत्नी के लिए मांग रहे थे टिकट
दो दिग्गजों के इस्तीफे ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल

बिजनौर। दो दिग्गजों के इस्तीफे ने भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है। नगर पालिका परिषद बिजनौर सीट पर टिकट न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। भाजपा की पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर और भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने पालिका अध्यक्ष का टिकट न मिलने पर पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हरजिंदर कौर अपने लिए और नीरज शर्मा अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे। इस बीच बिजनौर नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी इंदिरा देवी ने नामांकन करा दिया है।

दो वरिष्ठ नेताओं ने इस्तीफा देकर बिजनौर में भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। बताया गया है कि भाजपा पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह नगर पालिका परिषद बिजनौर से अध्यक्ष पद के लिए टिकट पर प्रबल दावेदारी पेश कर रही थीं। नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन सोमवार को भाजपा ने बिजनौर नगर पालिका से वरिष्ठ चिकित्सक डा बीरबल सिंह की पत्नी इंदिरा देवी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद हरजिंदर कौर ने इस्तीफा दे दिया। क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया को भेजा उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। श्रीमती कौर ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने बिजनौर सीट पर गलत टिकट दिया है। वे पिछले कई वर्षो से पार्टी की सेवा कर रही हैं, संघर्ष के समय लाठियां उन्होंने खाई और टिकट नई कार्यकर्ता को दे दिया गया। दूसरी ओर भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वह अपनी पत्नी को पालिका अध्यक्ष का टिकट न मिलने पर नाराज हैं।

नीरज शर्मा ने भी छोड़ी बीजेपी~
बिजनौर नगर पालिका से पत्नी के लिए टिकट मांग रहे अन्य नेता भी भाजपा से नाराज हो गए हैं। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह अपनी पत्नी सुषमा शर्मा के लिए टिकट मांग रहे थे। श्री शर्मा ने इस्तीफे में कारण स्पष्ट लिखा है कि वह पिछले 35 वर्षो से संगठन की पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा कर रहे हैं। साथ ही पिछले चार निकाय चुनावों से टिकट मांग रहे हैं किंतु पार्टी ने हर बार उनकी अनदेखी की है। उनकी पत्नी भी भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता हैं। इस बार वादा करने पर भी उन्हें टिकट नहीं दिया गया, जिससे वे अपमानित महसूस कर रहे हैं और अब आगे स्वयं को कार्य करने के लिए अयोग्य मानते हुए पार्टी के कार्यों से मुक्त हो रहे हैं। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि पार्टी ने ब्राह्मण समाज को जिले भर में कहीं भी टिकट नहीं दिया ऐसे में वे अपनी जाति में किस मुंह से वोट मांगने जायेंगे!
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