सभासद पद के कुछ प्रत्याशियों की निष्ठा भी संदेह के घेरे में
बीजेपी को भारी पड़ने वाली है नाराजगी। सभी को मनाने में भाजपा नेता कामयाब हो पाएंगे, संशय बरकरार!
ब्राह्मण के अलावा सैनी भी भाजपा से नाराज!
बिजनौर। अंकित सैनी हत्याकांड में रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर धरना प्रदर्शन करने वालों पर ही मुकदमा दर्ज करना नया गुल खिला सकता है। सैनी समाज ने बाकायदा बैठक कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया है। वहीं टिकट न मिलने से ब्राह्मण समाज की नाराजगी भी बीजेपी को भारी पड़ने वाली है। इसके अलावा पार्टी के टिकट पर सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे कुछ प्रत्याशियों की निष्ठा भी संदेह के घेरे में है। भाजपा का विरोध न केवल निकाय चुनाव में होने के कयास हैं बल्कि यह आगामी लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। संशय है कि सभी को मनाने में भाजपा नेता कामयाब हो पाएंगे!

गले की फांस बना अंकित सैनी हत्याकांड
दरअसल चांदपुर के मोहल्ला गोकुल नगर सैनी धर्मशाला में सैनी समाज ने बैठक कर भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। अध्यक्षता करते हुए सुभाष सैनी व संचालनकर्ता सत्य सैनी ने कहा कि बीते दिनों दिनदहाड़े अंकित सैनी की हत्या होने पर सैनी समाज के नेता व मोहल्ले से काफी संख्या में लोग इकट्ठा होकर रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गए। मृतक के माता-पिता बहन व अन्य लोग थाने के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन मृतक की हमदर्दी में पहुंचे परिवार, मोहल्ले व शहर के लोगों के खिलाफ ही रोड जाम का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कर दिए। नगर व क्षेत्र के सैनी समाज के नेताओं ने कहा अगर झूठे मुकदमे वापस नहीं हुए तो हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करेंगे। यहां तक कि बैठक में मौजूद पूर्व सभासद रूप सिंह सैनी, सतपाल सैनी, नरेश सैनी, मेंबर चंदू, प्रधान सैनी, परम सिंह सैनी, रामलाल सैनी, ओम प्रकाश सैनी, ऋषि पाल सैनी, सुरेश सैनी एडवोकेट, प्रदीप सैनी, श्याम लाल सैनी आदि ने कहा कि मुकदमे वापस नहीं हुए तो नगर पालिका के साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में भी सैनी समाज द्वारा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का बहिष्कार किया जाएगा।
कड़ा निर्णय लेने को मजबूर हुआ ब्राह्मण समाज
दूसरी ओर जिले की किसी भी सीट पर ब्राह्मण को प्रत्याशी न बनाए जाने पर भाजपा के प्रति काफी असंतोष पनप गया है। सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा एड. का कहना है कि शीघ्र ही ब्राह्मण समाज इस विषय को लेकर कड़ा निर्णय ले सकता है। अनिल शर्मा एड. का कहना है कि निकाय चुनाव में हमेशा ब्राह्मण टिकट मांगता है, उसे टिकट नहीं दिया जाता है। जबकि ब्राह्मण समाज हमेशा भाजपा की मजबूती में अपना अहम योगदान देता है। कोई भी चुनाव हो, उसकी भूमिका आगे रहती है। लोकसभा, विधानसभा तथा अन्य चुनावों में भाजपा के पक्ष में ही एकतरफा वोट डालता है। इस बार बिजनौर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सीट पर ब्राह्मण समाज की महिला प्रत्याशी की मजबूत दावेदारी थी। इसके बाद भी टिकट नहीं दिया गया। इस कारण जिले भर का ब्राह्मण वर्ग नाराज है।

अब भी सर्व स्वीकार्य नहीं हो सके भाजपा जिलाध्यक्ष !
भाजपा हाई कमान ने सुभाष वाल्मीकि की ताजपोशी बतौर जिलाध्यक्ष इसलिए की थी कि इनके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को आसानी से जोड़ा जा सकता है।… लेकिन जिलाध्यक्षी संभाले हुए इतना लंबा अरसा बीतने के बावजूद वह सर्व समाज को स्वीकार्य नहीं हो सके हैं। ऐसा पार्टी के ही कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है। एक बात होती है अपनी पहचान अपने दम पर बनाना, दूसरा किसी संगठन, बैनर के बल पर। इसमें पहली बात ज्यादा कारगर तो होती है, लेकिन इसके लिए मेहनत भी खूब करनी पड़ती है।

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