सपा बसपा कांग्रेस की नीतियाँ किसान विरोधी एवं किसानों के साथ छलावा: रामनिवास यादव
राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन द्वारा उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन

लखनऊ। आज 3 मई 2023 को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय को बताते हुए यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नगरीय निकाय विकास संकल्प पत्र, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी एवं कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर जब हाई पावर कमेटी ने तुलनात्मक विचार किया तो सपा बसपा एवं कांग्रेस की नीतियाँ किसान विरोधी एवं किसानों के साथ छलावा दिखीं। पहले जब सपा बसपा एवं कांग्रेस की सरकारें थीं तो सबसे ज्यादा दुर्दशा किसानों की थी, जिससे इनकी नीतियों के कारण प्रतिवर्ष हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर होते थे। किसान खेती का काम छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर था क्योंकि किसानों को न समय से खाद मिलती थी न ही बिजली पानी; उल्टे अपने फायदों के लिए किसानों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर लिया जाता था एवं किसानों को सालों मुआवजा भी नहीं दिया जाता था। कई बार जब किसान विरोध करते थे उन पर लाठी एवं गोलियां चलाई जाती थी। यही हाल अखिलेश यादव की सरकार में था। इनके पार्टी के कार्यकर्ता ही किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा कर लेते थे। किसान जब पुलिस से शिकायत करता था तो उल्टे उस पर ही पुलिस द्वारा दबाव बनाकर जमीन औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए आगामी नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का एलान एवं किसान भाईयों से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करने की अपील किया है।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अच्छी कानून व्यवस्था, नगरों में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन एवं नगरीय निकायों के विकास पर ध्यान दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो नगरीय निकाय संकल्प पत्र जारी किया, वह प्रदेश के किसानों का काफी फायदा देने वाला है जिस प्रकार से शहरी क्षेत्रों में किसानों को अपने वाहन ले जाने की छूट एवं किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने का काम किया है, उससे लाखों गन्ना किसानों को काफी फ़ायदा हो रहा है। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदी जा रही है एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी। असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख तक स्वास्थ लाभ दिया गया। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6 मेगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रुपए अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय, एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाने का काम किया, वह बहुत ही सराहनीय है। पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था एवं शहरी क्षेत्रों में बेचने की सुविधा करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के नगरीय निकाय विकास संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।
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