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निर्धारित स्थान के अलावा अन्य जगह भी पोकलेन से जमकर खन

14 बीघा की जगह किया 45 बीघा खनन

डीएम एसपी के आदेश खनन माफिया के ठेंगे पर

~ by Shahid Raja Khan

बिजनौर/बढ़ापुर। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आदेश भी खनन माफियाओं के लिए कोई मायने नहीं रखते।रायपुर सादात खो नदी में हो रहे खनन को देखकर तो ऐसा ही लगता है।

शासन की ओर से नगीना तहसील के शाहलीपुर कोटरा मौजे में खाता संख्या 2/65, 2/67 व 2/158 में लगभग 14 बीघा भूमि में पट्टा आवंटित हुआ था।दीपांशु ढाका निवासी नई मंडी मुज़फ्फर नगर के नाम 6 माह की समयावधि के लिए पट्टा आवंटित किया गया था। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 20 अप्रैल को पट्टा धारक पर अर्थ दंड भी लगाया था। जानकारी के अनुसार पट्टा धारक ने निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थान पर भी पोकलेन से जमकर खनन किया। मालूम रहे कि उपरोक्त खाता संख्या की भूमि लगभग 45 बीघा है, जो तीन भाइयों के नाम है, जबकि आवंटित पट्टा सिर्फ इस भूमि में लगभग 14 बीघे का ही है। इसके अलावा डेढ़ दर्ज़न किसानों की भूमि से भी अवैध खनन किया गया है। किसानों पर पट्टा धारक की इतनी दहशत है कि कोई किसान खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। आज हालात यह है कि हट बचकर अब भी अवैध खनन होता रहता है। सूत्रों ने बताया कि रात्रि तीन बजे से सुबह 6 बजे तक बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है।अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए रात्रि में किए खनन के गड्ढों को सुबह होने से पहले भर दिया जाता है।

माफिया की फुल प्रूफ सिक्योरिटी

पट्टा धारक ने क्षेत्र में इतनी दहशत पैदा कर रखी है कि परिंदा भी पर न मार सके। उसने पट्टे स्थल पर जाने के लिए एक बैरियर लगा रखा है। कोई अवैध खनन के फोटो न ले ले इसलिए बैरियर पर नाम व पता लिखा जाता है। उसके बाद वहां पर बैठे लोग फोन से अनुमति लेते हैं। अनुमति के आधार पर आगे जाने दिया जाता है।

किसानों को धमकियां?

किसानों को भी अपने खेतों पर जाने के लिए इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नाम न छापने की शर्त पर शाहलीपुर के एक किसान ने बताया की पट्टा धारक ने उसकी भूमि ठेके पर ली थी। उसकी भूमि से पूरी तरह खनन सामग्री उठा ली है। अब पट्टाधारक ठेके के पैसे नहीं दे रहा है। पैसे मांगने पर धमकी देता है। ऐसा हाल कई किसानों का है।
 

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