वन विभाग बिजनौर के तत्वाधान में वन महोत्सव का शुभारंभ
इस वर्ष रोपे जायेंगे 75 लाख पौधे: प्रभागीय वन निदेशक
बिजनौर। वन विभाग के तत्वावधान में वन महोत्सव का शुभारंभ गंगा बैराज घाट पर माँ गंगा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर व पौधारोपण कर किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक सूची चौधरी, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, प्रभागीय वन निदेशक अरुण कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी अंशुमन मित्तल, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

सदर विधायक सूची चौधरी ने वन महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत किये जा रहे पौधारोपण के साथ साथ पौधों का संरक्षण करने का भी आह्वान किया। वन महोत्सव कार्यक्रम में गुरुकुल की छात्रों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर पौधारोपण करने हेतु सन्देश दिया व वनों को न काटने को भी प्रेरित किया। प्रभागीय वन निदेशक ने बताया कि जनपद बिजनौर में इस वर्ष 75 लाख पौधारोपण का लक्ष्य है, जिसकी पूर्ति हेतु अनेक विभागों को जिम्मेदारी है। जनपद में पौधों का लक्ष्य पूर्ण करने हेतु जन आंदोलन की तरह कार्य करना है। उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजनौर ने वन महोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा को स्पष्ट करते हुए बताया कि गंगा बैराज घाट पर वृहद वृक्षारोपण अभियान 2023 के अंतर्गत वन महोत्सव के अवसर पर 2023 पौधे रोपित कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया जा रहा है। मुख्य अतिथि सदर विधायक एवं जिलाधिकारीटी द्वारा गुरुकुल के बच्चों तथा वन विभाग के प्रभागीय निदेशक एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विशिष्ट प्रजातियों, पारिजात, कल्प वृक्ष, रुद्राक्ष, पीपल, पाकड़, बरगद, आम, नीम, महुआ, जामुन आदि के 223 पौधे मौके पर ही रोपित किये गए। साथ ही हरिशंकरी वाटिका की स्थापना की गई। इस अवसर पर ज्ञान सिंह एसडीओ बिजनौर ने मत्स्य पुराण में वर्णित वृक्षों के महत्त्व के बारे में बताते हुए कहा कि “दस कुओं के बरावार एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब और दस तालाबों के बरावर एक पुत्र और दस पुत्रों के बरावर एक वृक्ष को मान्यता प्रदान कि गई है। वनों से ही पृथ्वी के कल्याण की परिकल्पना की गई है, अतः सभी आम जन विद्यार्थी इस वृक्षारोपण जन आंदोलन में भागीदार बने। इस वर्षाकाल में सभी लोग कम से कम 1 पौधा रोपित कर उसकी सुरक्षा, संरक्षा करें ताकि हमारे पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में हम सभी सहभागी बन सके तथा आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर प्लेनेट की परिकल्पना साकार हो सके। उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह ने हरसिंगार प्रजाति का पौधा स्मृति स्वरूप भेंट कर, इसे रोपित कर इसकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। वृक्ष के महत्व पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर वनों को लगाने तथा उन्हें बचाने हेतु किया गया मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस हेतु सभी छात्रों का धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे जिला कार्यक्रम अधिकारी पुलकित जाग्रवाल द्वारा किया गया।
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