नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान
मुख्य विकास अधिकारी ने किया धान रोपण मशीन का शुभारंभ
90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है नई मशीन
बिजनौर। ग्राम हरगनपुर में शरद कुमार सिंह के यहां आई नई धान रोपण मशीन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

शरद कुमार सिंह ने बताया कि नई मशीन से पूर्व भी वह धान की रोपाई दस साल पूर्व भी मशीन से करते थे। वह मशीन से रोपाई करने वाले उत्तर प्रदेश के पहले कृषक थे। पुरानी मशीन को हाथों से पकड़ कर पीछे पीछे चलना पड़ता था, जबकि नई मशीन को बैठकर चलाया जाता है। पुरानी मशीन की अपेक्षा नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान है। यह मशीन 90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है।

मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने शरद कुमार की प्रसंशा करते हुए कहा कि अब कृषि लागत घटाने के लिए कृषि में अधिक से अधिक मशीनों का प्रयोग करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा धान की खेती में लागत कम करने के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी है। अत: अधिक से कृषकों को इसे अपनाना चाहिए।

इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा केके सिंह, योगेन्द्र पाल सिंह योगी, हरज्ञान सिंह, विरेंद्र सैनी, प्रेम वीर त्यागी, अक्षत देवरा, लक्ष्य त्यागी आदि बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
घंटों तक झुक कर करनी पड़ती है रोपाई
गौरतलब है कि किसानों के लिए धान की खेती करना काफी मेहनत भरा काम है। किसानों को सबसे पहले धान की नर्सरी तैयार करनी होती है। नर्सरी तैयार हो जाने के बाद खेतों में धान के पौधों की रोपाई करवाने में काफी ज्यादा समय लग जाता है। मजदूरों द्वारा घंटों तक झुक कर रोपाई हाथ से ही की जाती है। साथ ही मजदूरों को मजदूरी देने में काफी ज्यादा पैसे भी खर्च हो जाते हैं। वर्तमान समय में मजदूरों की काफी कमी है, क्योंकि खेती-किसानी में फसलों के सीजन के मुताबिक खेतों में काम करने वाले मजदूरों की ज़रूरत बढ़ती घटती रहती है। नियमित काम और आय नहीं होने से कई बार मजदूरों की कमी देखने को मिलती है। अब आज के इस आधुनिक युग में कुछ ऐसे कृषि यंत्र भी आ गए हैं, जिनके इस्तेमाल से किसान न सिर्फ अपना समय बचाएंगे, बल्कि इससे पैसे और श्रम की भी बचत कर सकते हैं।
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