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लखपति हड़प रहे पीएम आवास योजना के लाखों रुपए

गरीब रहे भटक, सक्षम उठा रहे आयुष्मान कार्ड का लाभ

एक ही केस में खुल रही तीन सरकारी विभागों की पोल

राशन लेने धरती पर आते हैं स्वर्गवासी!

बिजनौर। इसे सरकारी विभागों की मिलीभगत कहेंगे या लापरवाही, कि पात्र व्यक्ति दर दर भटक रहा है और अपात्र मौज उड़ा रहे हैं। कुछ मामले ऐसे भी सामने आते हैं कि जिन्हें देख सुन कर लगता है कि पूरा का पूरा सरकारी तंत्र भ्रष्ट है।

दरअसल सरकारी विभागों की हालत ऐसी हो गई है कि केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं व मंशाओं पर खुलेआम पानी फेरा जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि एक राशन डीलर ने 10 लाख का प्लॉट खरीदा और इस पर सरकारी आवास योजना से रुपए लेकर निर्माण भी शुरू कर दिया है। आरोप है कि इस राशन डीलर के पास मुफ्त इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड भी है। इस कार्ड से फर्जी बीमारियों का इलाज कराने के नाम पर संबंधित अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत से लाखों रुपए की रकम आधी आधी बांट कर हड़पी जा रही है। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए कि इस राशन डीलर के भाई की मौत लगभग आठ~10 साल पहले हो चुकी है, जो राशन कार्ड में आज भी जीवित हैं। मृतक भाई के नाम का राशन भी यही डीलर ले रहा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार डीलर ने इसी हफ्ते लक्जरी कार भी खरीदी है। इतना ही नहीं इस डीलर की दुकान से ऐसे बहुत से लोगों के कार्ड पर दो से तीन गुना तक राशन दिया जा रहा है, जिनके परिवार में सदस्यों की फर्जी संख्या दर्ज है। मतलब ये है कि राशन कार्ड धारक को अपने साथ जुड़े लोगों और उनकी संख्या की जानकारी तक नहीं है। कोटे की दुकान से एक कार्ड पर निर्धारित राशन से दो तीन गुना सामग्री हड़पी जा रही है। सही तरीके से जांच की जाए तो ऐसे सैकड़ों हजारों मामलों का खुलासा हो सकता है, जिनमें सरकारी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व का तगड़ा चूना लगाया जा रहा है। इस एक ही मामले में तीन विभागों की पोल खुल रही है। आवास योजना, आयुष्मान कार्ड और राशन सामग्री को लेकर साफ पता चल जाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत और गहरी हैं? तीनों विभागों के अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया। मोबाइल या तो स्विच ऑफ अथवा रेंज के बाहर था।

कहानी अभी बाकी है….

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