घर-घर जाकर किया जा रहा बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक
संचारी रोग नियंत्रण को विशेष अभियान शुरू
12 विभाग मिलकर लड़ेंगे डेंगू के खात्मे की जंग
बिजनौर। जिले में डेंगू से जंग लड़ने के लिए 12 विभाग मिलकर एक महीने तक काम करेंगे। लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव की जानकारी दी जाएगी। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ एडीएम न्याययिक दीपाली भार्गव और भाजपा नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता गुब्बारे उड़ा कर और रैली को हरी झंडी दिखाकर कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर विकास, राजस्व व शिक्षा विभाग मिलकर इस अभियान को चलाएंगे।

उत्तर प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण का विशेष अभियान शुरू किया गया है। जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस), डायरिया व मलेरिया आदि रोगों से बचाव के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को उपाय बताए जा रहे हैं। गंदा पानी पीने व गंदगी के कारण होने वाले रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।
इसी कड़ी में अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सहयोगी विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा लोगों को घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार के माध्यम से बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। मंशा ये है कि लोगों को संचारी रोगों से ग्रसित होने से बचाया जा सके।

गौरतलब है कि मंगलवार को जिला मुख्यालय से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया गया। 03 अक्तूबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्तूबर तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले में जगह-जगह एंटी लार्वा का छिड़काव और फाॅगिंग कराई जाएगी। कार्यक्रम में एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान को सफल बनाने और लोगों को संचारी रोग से बचाव के बारे में जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी आशुतोष सिंह का कहना है कि लोगों को संचारी रोग अभियान के बारे में जागरूक करने के लिए रिक्शा रैली निकाली गई। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. पीआर नायर, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास डॉ. पीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी आशा कार्यकत्रियां
मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण और दिव्यांग, कुपोषित बच्चों की खोज के लिए इस अभियान को शुरू किया गया है। अभियान के तहत आशा कार्यकत्रियां घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी। खांसी-जुकाम जैसे लक्षण वाले मरीजों के साथ ही मलेरिया, डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों के मरीजों की तलाश करेंगी। अगर सर्वे के दौरान ऐसे मरीज मिलते हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा अभियान मे कुपोषित बच्चों की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है। दस्तक अभियान 16 से 31 अक्तूबर तक संचालित किया जाएगा। इस के तहत टीबी के लक्षण वाले मरीजों को खोजकर उनकी जांच कराई जाएगी। दस्तक अभियान में मेडिकल टीमें घर-घर जाकर संक्रामक रोगों से ग्रस्त मरीजों की पहचान करेंगी। इस टीम में आशा वर्कर के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहेंगे। टीम की मदद से रोगियों को चिन्हित कर उन्हें दवा दी जाएगी और जरूरी होने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
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