सूचना विभाग का अदना सा कर्मचारी बन बैठा सर्वेसर्वा
फर्जी पत्रकारों की शह पर हो रहा खेल!
कारनामा: मोदी योगी के पोस्टर पड़े हैं कूड़े के ढेर में…!
बिजनौर। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर से सरकारी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल जनता में प्रचार प्रसार के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों संबंधी पोस्टर, पैंपलेट आदि कूड़े के ढेर में पड़े हुए हैं। एक अदने से कर्मचारी की बदौलत देश प्रदेश के सर्वेसर्वा निपटने को मजबूर हो गए हैं।

अर्से से यहां तैनात अफसरों कर्मचारियों की लापरवाही का आलम तो देखिए कि कार्यालय के भीतर ढेर के रूप में पड़ी उक्त सरकारी प्रचार सामग्री पर किसी की नजर तक नहीं गई? या देख, जान कर भी अंजान हैं, अथवा कहानी कुछ और है?

डीएम तक हैं लाचार?
सूत्रों का दावा है कि बरसों से एक विभागीय कर्मी की सरपरस्ती में ही सभी कामकाज का संचालन होता आया है। अधिकारी से भी अव्वल दर्ज की हैसियत वाले उक्त कर्मी की कई शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं। यहां तक कि निवर्तमान और वर्तमान जिलाधिकारी भी कोई कार्रवाई करने की सोच ही नहीं सकते? कुल मिलाकर जनता, समाज में सिर्फ यही संदेश जा रहा है कि जिले के डीएम तक उक्त कर्मचारी के सामने लाचार हैं!
फर्जी पत्रकारों की शह पर हो रहा खेल!
बिजनौर में फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आ गई है। इन्हीं जैसों की शह पर खेल किया जा रहा है। ऐसे लोगों की काकस के चक्रव्यूह में पदस्थ अधिकारी न सिर्फ फंस जाते हैं बल्कि बिलबिला कर रह जाते हैं।
सरकारी विज्ञापनों के नाम पर खेला?
बिजनौर में सरकारी विज्ञापनों के नाम पर जबरदस्त खेला हो रहा है? पुराने अखबारों के बीच के अगले पिछले पेज किसी भी प्रिंटिंग प्रेस में छपवा कर लाखों करोड़ों की रकम डकारी जा रही है।
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