खेल में शामिल माफियाओं को कुछ अधिकारियों का वरदहस्त हासिल!
बिजनौर के नगीना देहात क्षेत्र की खो नदी पर खनन माफिया का कब्जा
वैध खनन की आड़ में खुलेआम हो रहा अवैध खनन
बिजनौर। सीएम योगी सरकार के सख्त रवैये के बावजूद नगीना देहात क्षेत्र में खो नदी को खनन माफिया जमकर लूटने में जुटे हुए हैं। खो नदी को माफियाओं ने छलनी करके रख दिया है। हैरत की बात यह है कि अधिकारी भी इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि, क्षेत्र के लोग माफियाओं के द्वारा खो नदी लूटे जाने से सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि बरसात के दिनों में फिर से बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ेगी।

नगीना देहात क्षेत्र की खो नदी में इस समय अवैध खनन का काला कारोबार अपने पूरे चरम है। ये खनन सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना चल रहा हो, ऐसा सम्भव ही नहीं लगता! अवैध खनन पर निगाह रखने वाले कर्मचारियों ने आंखें मूंदी हुई हैं। बताया जाता है कि काफी समय से चल रहे रेत के अवैध खनन के पीछे तमाम अधिकारियों की मिलीभगत अथवा वरदहस्त भी हो सकता है। जिला प्रशासन का पूरा फोकस मिट्टी के खनन पर है। योगी सरकार के सख्त रवैये के बावजूद खनन माफियाओं की कारगुजारियों से तो यही लग रहा है कि उन्हें किसी का कोई खौफ नहीं है। लगता है कि जैसे सभी अधिकारियों को उन्होंने किसी दवाब में ले लिया हो। जिला प्रशासन भी माफियाओं के आगे घुटने टेकता नजर आ रहा है? नियमानुसार निर्धारित क्षेत्रफल का पट्टा आवंटित किया जाता है। इसमें लंबाई, चौड़ाई और गहराई सब कुछ पहले से तय होता है। इससे अधिक खनन को अवैध श्रेणी में रखकर बकायदा नोटिस जारी किया जाता है और जुर्माना भी वसूला जाता है। अवैध खनन के मामले उजागर होने पर कुछ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई, लेकिन काम बदस्तूर जारी है।
प्रभावित हो रहा खो नदी का बहाव
थाना नगीना देहात क्षेत्र में खो नदी बहती है। खनन माफिया नदी का सीना चीर, खनन कर एक ओर लाखों रुपए कमा रहे हैं, तो वहीं नदी के बहाव को भी प्रभावित कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में नदी अपने किनारों को छोड़ कर आबादी का रुख कर सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक के सख्त रवैये के चलते पुलिस अवैध खनन से दूर दिख रही है। दूसरी ओर आरोप है कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है। सूत्रों का दावा है कि खनन माफिया को इस सर्किल में तैनात कुछ अधिकारियों का वरदहस्त प्राप्त है।
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