विकास भवन सभागार में हुई जिला मानीटरिंग समिति की बैठक
7046 कृषकों ने कराया बीमा, 1420 कृषक हुए 21.52 लाख रुपए की धनराशि से लाभान्वित
बिजनौर। विगत वर्ष 2022-23 खरीफ एवं रबी मौसम में कुल 7046 कृषकों द्वारा बीमा कराया गया और 1420 कृषकों को 21.52 लाख रुपए की धनराशि से लाभान्वित किया गया। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने जिला मानीटरिंग समिति की बैठक में दी।
विकास भवन सभागार में जिला मानीटरिंग समिति की बैठक का आयोजन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें मानीटरिंग कमेटी के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

सर्वप्रथम जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए जानकारी दी कि वर्तमान रबी 2023-24 मौसम में जनपद हेतु गेहूं, सरसों, मसूर एवं आलू की फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत आच्छादित हैं। गेहूं, सरसों, मसूर का बीमित धनराशि का 1.5 प्रतिशत तथा आलू में बीमित धनराशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम कृषक द्वारा देय है।
अपर जिलाधिकारी द्वारा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, उप कृषि निदेशक एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु निर्देशित किया गया। अपर जिलाधिकारी द्वारा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एवं समस्त बैंक समन्वयक को निर्देशित किया गया कि उनके बैंक शाखा के जो ऋणी कृषक योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते, उन्हे अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक आप्ट-आउट फार्म जमा करने संबंधी सूचना देना सुनिश्चित करें। शेष ऋणी किसानों के अधिसूचित फसलों का योजना की निर्धारित गाइड लाइंस के अनुसार प्रीमियम धनराशि की कटौती करते हुए समस्त वांछित सूचनाएं पोर्टल पर 15 जनवरी, 2024 तक अवश्य दर्ज करें, यदि नामित बीमा कम्पनी से इस संबंध मे कोई सहयोग अपेक्षित हो तो तत्काल अवगत कराएं। योजना का कवरेज बढाने के साथ-साथ बीमित किसानों को अधिक से अधिक क्षतिपूर्ति के भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी द्वारा रबी वर्ष 2022-23 में बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति की प्रगति तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत समीक्षा की गई और खरीफ-2023 मे आपदा से प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान समय से किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देशित किया गया कि बीमित किसानों को चिन्हित करते हुए उन्हे नोडल बीमा कम्पनी एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिको के द्वारा योजना की विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराते हुए यह भी अवगत कराया जाए कि आपदा की स्थिति में यदि बीमित फसलें प्रभावित होती हैं तो किस प्रकार बीमा का अधिकतम व समय से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बीमित किसानों को योजना में सम्मिलित न होने विषयक स्वः घोषणा पत्र दिनांक 24.12.2023 तक बैंकों को अवश्य उपलब्ध करा दें।
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