वाहन चैकिंग की कवरेज करने से मीडिया कर्मी को रोका
घटना को लेकर मीडिया कर्मियों में भारी रोष
सीनियर IPS का मानना कि मीडिया के सहयोग के बिना अपराध नियन्त्रण सम्भव नहीं
बिजनौर। तमाम पुलिस अधिकारी मानते हैं कि मीडिया के सहयोग के बिना अपराध नियन्त्रण सम्भव नहीं है। ऐसे में पुलिस और मीडिया के परस्पर सामंजस्य व सहयोग से अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।

पुलिस व मीडिया के बीच मधुर सम्बन्ध स्थापित करने व अपराध नियंत्रण में उनका सहयोग लेने के उद्देश्य से जनवरी 2018 में कार्यभार संभालने वाले तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने प्रदेश के समस्त पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर सोशल मीडिया सैल का गठन कर कार्यालय स्थापित करने के निर्देश दिए थे, ताकि मीडिया की मदद से अपराधों पर लगाम लगाई जा सके। साथ ही पुलिस के गुडवर्क व विभिन्न घटनाओं में पुलिस की कार्यवाही आसानी से मीडिया तक पहुंच सके। इसी उद्देश्य के लिए प्रदेश के सभी पुलिस कार्यालय में सोशल मीडिया सैल कार्यालय स्थापित किए गए। बिजनौर में भी सोशल मीडिया सैल स्थापित है और बखूबी अपना काम भी कर रहा है। जनपद के पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन भी इस मामले में गंभीरता से नजर रखते हैं।
…लेकिन इसके बिल्कुल उलट जनपद बिजनौर के थाना मंडावर में हो रहा है। यहां पर तैनात थानेदार को मीडिया से भी एलर्जी है और उनके मूल कार्य किसी मामले की कवरेज से भी। यही कारण रहा कि वाहन चैकिंग की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से उलझ गए!

बताया गया है कि मंडावर थाना अंतर्गत दयालवाला की मेन मार्केट में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार, हलका इंचार्ज व उनकी समस्त टीम द्वारा दो पहिया वाहनों की हेलमेट को लेकर चैकिंग और चालान किए जा रहे थे। तभी वहां पर पहुंचे मीडियाकर्मी चैकिंग की कवरेज करने लग जाते हैं।

आरोप है कि उनके साथ मौजूद महिला पुलिस कर्मी जूही द्वारा कवरेज करने से रोका गया। यही नहीं थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने कहा कि तुम हमें काम करने दोगे या नहीं, हमें तुम लोगों से परेशानी हो रही है। तुम लोग यहां से जाओ। एक मीडिया कर्मी ने कहा कि हम अपना कार्य कर रहे हैं, आप अपना करो, लेकिन पता नहीं थाना प्रभारी को क्या परेशानी हुई और वह उनसे बहस करने लगे।

यह सब जानकारी प्रदेश संगठन मंत्री समीर खान को दी गई। उन्होंने थाना प्रभारी से बात की, तो उन्होंने एक पत्रकार पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि यह तो पुलिस से उलझता रहता है। मीडिया कर्मियों मुकेश कुमार, जसवीर सिंह, देवेंद्र कुमार का कहना है कि आज तक उक्त साथी किसी बात को लेकर कभी इन थाना प्रभारी से मिला नहीं। तो फिर यह सब शब्द हमारे पदाधिकारी से क्यों बोले गए। इससे तो साफ जाहिर होता है कि पुलिस को मनमानी करने दी जाए? मामले को लेकर मीडिया कर्मियों में भारी रोष है। साथ ही पुलिस अधीक्षक से मिलकर अवगत कराने का भी कार्यक्रम है।
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