Single use plastic थैली (100 माइक्रोन से कम) का उपयोग किया गया पूर्णतया निषिद्ध
अवहेलना पर भुगतना पड़ेगा 25 हजार रुपए तक जुर्माना
20 जनवरी से 20 फरवरी तक पॉलिथीन के खिलाफ जंग
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के सभी उप जिलाधिकारियों को तहसील क्षेत्रान्तर्गत निकायों में राजस्व विभाग, प्रदूषण विभाग, पुलिस विभाग एवं निकाय की संयुक्त टीम गठित कर एकल प्रयोग प्लास्टिक के विरुद्ध 20 जनवरी से 20 फरवरी, 2024 तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश
बिजनौर। जिले में सिंगल यूज़ पॉलिथीन के खिलाफ जंग छेड़ी जाने वाली है। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली 2016 यथा संशोधित नियम, 2021 के अंतर्गत समस्त प्रकार की एकल प्रयोग प्लास्टिक (100 माइक्रोन से कम) का उपयोग पूर्णतया निषेध कर दिया गया है।

भारत सरकार ने 01 जुलाई 2022 से सिंगल यूज या एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया था। पॉलीस्टायरीन और विस्तारित पॉलिस्ट्रीन सहित एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक का निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध संबंधी यह आदेश 01 जुलाई 2022 से प्रभावी हो गया था।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यथा संशोधित नियम 2021 के नियम (4) उपनियम (2) के अंतर्गत 01 जुलाई 2022 की तारीख से पॉलीस्टाइरीन वस्तुओं सहित निम्नलिखित एकल-प्रयोग प्लास्टिक वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग का निषेध किया गया है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त नियम (4) उपनियम 4(1)(सी) के अनुसार 31 दिसंबर,2022 से 120 माइक्रोन से नीचे की समस्त प्रकार की एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध होगी। नगर विकास विभाग, उ०प्र० शासन की अधिसूचना 15 जुलाई, 2018 द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग (किसी भी मोटाई के) एवं थर्माकोल से निर्मित कप प्लेट, गिलास एवं चम्मच इत्यादि के उत्पादन, भण्डारण, उपयोग, परिवहन एवं क्रय-विक्रय पर उत्तर प्रदेश राज्य में पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा भी एकल प्रयोग प्लास्टिक को पूर्णतः प्रतिबंधित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

प्रतिबन्धित एकल प्रयोग प्लास्टिक के सम्बन्ध में उ०प्र० शासन द्वारा निर्गत अधिसूचना 15 जुलाई, 2018 में प्रतिषिद्ध श्रेणी के निस्तारण योग्य पॉलीथीन कैरी बैगों, प्लास्टिक कैरी बैगों, प्लास्टिक और थर्माकोल वस्तुओं की मात्रा 100 ग्राम तक होने पर ₹ 1000, 101 ग्राम से 500 ग्राम तक ₹ 2000, 501 ग्राम से 01 किग्रा० तक ₹ 5000, 01 किग्रा से 05 किग्रा तक 10,000, 05 किग्रा से अधिक होने पर ₹ 25,000 एवं किसी संस्था/ वाणिज्यिक संस्था/वाणिज्यिक प्रतिष्ठान/ शैक्षिक संस्थाओं/ कार्यालयों/ होटलों/दुकानों/ रेस्तराओं/ मिष्ठान दुकानों/ ढाबों/ औद्योगिक प्रतिष्ठानों/भोजन कक्षों आदि द्वारा परिसर के अन्तर्गत और सड़कों, मार्गाें, नालों, नदियों, झीलों, तालाबों, वन क्षेत्रों, सार्वजनिक पार्कों, समस्त सार्वजनिक स्थलों आदि पर प्लास्टिक अपशिष्ट फेंका जाने पर ₹ 25000 एवं व्यक्तियों द्वारा उपरोक्त किन्हीं निजी या वाणिज्यिक स्थलों पर प्लास्टिक अपशिष्टों को फेंके जाने पर ₹ 1000 शमन फीस वसूल की जानी विनिर्दिष्ट की गई है।
उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त उप-जिलाधिकारी तहसील क्षेत्रान्तर्गत निकायों में राजस्व विभाग, प्रदूषण विभाग, पुलिस विभाग एवं निकाय की संयुक्त टीम गठित कर 20 जनवरी, 2024 से 20 फरवरी, 2024 तक विशेष अभियान चलाते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुएँ जैसे- प्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडियों, पॉलीस्टाइरीन (थर्माकोल) की सजावटी सामग्री तथा प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसे कटोरी, मिठाई के डिब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट 100 माइक्रोन से मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिकर आदि का उपयोग, वितरण, भंडारण किये जाने पर नियमानुसार शमन की कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित करें। निर्धारित प्रारूप पर गठित टीम की सूचना 03 दिवस के भीतर उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए।
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