भू माफियाओं की वजह से शुक्रताल धाम पर नहीं जा सकी गंगा
आखिरकार 76 वर्षीय बुजुर्ग ने दी धरने पर बैठने की चेतावनी
12 साल से लेखपाल और प्रधान अड़ाए बैठे हैं टांग
बिजनौर। भू माफियाओं की वजह से गंगा शुक्रताल धाम पर नहीं जा पा रही। इसमें हमसाज हैं लेखपाल और ग्राम प्रधान। इस जुगल जोड़ी ने मामला 12 साल से टांग रखा है।यह आरोप है 76 वर्षीय बुजुर्ग मंडावर के ग्राम कोहरपुर के बालमुकुंद का। आखिरकार अब बुजुर्ग ने धरने पर बैठने की चेतावनी दे डाली है।

मंडावर के ग्राम कोहरपुर के 76 वर्षीय बुजुर्ग बालमुकुंद ने मुख्यमंत्री पोर्टल व जिलाधिकारी को इस मामले में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि खादर क्षेत्र में बंदोबस्त को 12 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन लेखपाल द्वारा अभी तक नक्शे नहीं डाले गए हैं। लेखपाल व ग्राम प्रधान आपस में हमसाज होकर कार्य को आगे नहीं बढ़ने देते हैं। सिंचाई विभाग अफजलगढ़ धामपुर ने भी नक्शा व लिखित में दिया कि गंगा शुक्रताल धाम पर भेजी जाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शुक्रताल धाम तक गंगा को भेजने को कहा, लेकिन भूमाफिया लोग जमीन काट देते हैं। इस खादर क्षेत्र में बरसात के समय शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी बहुत परेशान रहते हैं। इनकी ड्यूटी वहीं पर रहती है, लेकिन इन भूमाफियों की वजह से अब तक गंगा शुक्रताल धाम पर नहीं पहुंच पाई है। बालमुकुंद के द्वारा पूर्व में भी कई प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक उक्त मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उनका कहना है कि अगर अब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो वह 15 मार्च 2024 को धरने व प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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