पश्चिम यूपी जिसका, देश उसका
सपा से आरएलडी का गठबंधन टूटने की अटकलों पर सामने आई प्रतिक्रिया
आरएलडी बीएसपी जिधर, जीत उसकी: मलूक नागर
जहां जयंत चौधरी जाएंगे, जहां RLD जाएगी या जहां BSP जाएगी, बिल्कुल एक तरफा सीटें जीतती चली जाएगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जिसका होगा उत्तर प्रदेश उसका होगा और जिसका उत्तर प्रदेश होगा.. देश उसका होगा: मलूक नागर BSP सांसद बिजनौर
बिजनौर हस्तिनापुर लोकसभा सीट से सांसद मलूक नागर बेहद आत्मविश्वास से यह दावा इसलिए करते हैं क्योंकि पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ है, यहां की नब्ज वो पहचानते हैं, तासीर को पहचानते हैं। पिछले 38 साल से प्रमुख पदों एमएलए, एमएलसी, अध्यक्ष जिला बोर्ड, उत्तर प्रदेश सरकार मिनिस्टर, एमपी लगातार वह एवं उनके भाई राजवीर नागर रहते आ रहे हैं।
नई दिल्ली/बिजनौर। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के अलायंस की संभावनाओं के बीच बहुजन समाज पार्टी के नेता और सांसद मलूक नागर की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है। श्री नागर कहते हैं कि उनके सामने सीधा जातिगत आंकलन है। पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में 27 एमपी और 143 विधानसभा की सीट हैं। यहां दलित, मुस्लिम, जाट और गुर्जर हैं। यह जातियां सबसे ज्यादा हैं और इकट्ठा जिधर भी चली जाती हैं, उधर ही एक तरफा जीत होती चली जाएगी। इसलिए जयंत चौधरी जहां चले जाएंगे, आरएलडी जहां चली जाएगी या बीएसपी या कुमारी बहन मायावती जी चली जाएंगी, बिल्कुल एक तरफ पश्चिम में जीत होती चली जाएगी।

पश्चिम उत्तर प्रदेश है सबसे महत्वपूर्ण
पहले वोटिंग पश्चिम उत्तर प्रदेश की 10 सीटों से होती है यानी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, देश का चुनाव कहां जाएगा कौन यूपी जीतेगा, कौन देश जीतेगा इससे नींव डालती है इसलिए आज की तारीख में सेंटर में बिल्कुल पूरी तरीके से आरएलडी या बीएसपी आ गई हैं। दोनों के बीच समझौता नहीं हो पाने की वजह उन्हें नहीं पता लेकिन बताया जा रहा है कि कांग्रेस दबाव डाल कर दानिश अली के लिए अमरोहा चाहती थी और जयंत जी उस सीट को किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहते थे। बसपा सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में कांग्रेस का नीतीश भारद्वाज, बंगाल में ममता बनर्जी का साथ टूटा, पंजाब और हरियाणा, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के साथ टूटने की बात हो रही है।
कांग्रेस ने दिया जाट समाज को धोखा

जाट समाज के दिमाग में है कि चौधरी चरण सिंह पिछड़े समाज से थे और 1913 से 1947 तक, जब अंग्रेजों का राज था और जब यह लेजिसलेचर सिस्टम शुरू हुआ कोलकाता में और 1947 के बाद आजादी से आज 2024 तक एक ही बार पिछड़ों में से जाट प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी बने। किसान उन्हें अपना मसीहा, देवता मानते हैं। चौधरी चरण सिंह जी को भी कांग्रेस ने धोखा देकर तीन महीने में कुर्सी गिरा दी थी। यह बात भी जयंत चौधरी के कहीं ना कहीं दिमाग में है। उन्होंने कहा कि indi गठबंधन में ऐसी स्थिति हो जाएगी कि पिछली बार तो अकेली सोनिया गांधी जी जीती थी। अबकी बार अगर पश्चिम में मुसलमान, गूजर के साथ मिलकर लड़ाई लड़ने वाले जयंत, आरएलडी, जाट, किसान समाज बीजेपी के साथ मिल गया तो यूपी में कांग्रेस की एक सीट नहीं आएगी, यहां तक कि सोनिया गांधी जी भी नहीं जीत पाएंगी, जीरो पर आएगी। अब खेल असली सामने आएगा। जिधर हम जाएंगे तब ऊपर पलड़ा निकल सकता है, वैसे बहन जी कह चुकी हैं कि चुनाव अकेले लड़ेंगे।
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