BJP के बड़े नेताओं से मुलाकात और मंत्री पद का ऑफर!
सीट को लेकर अखिलेश जयंत के बीच खटास!
जयंत चौधरी का अगला पड़ाव NDA?

लखनऊ (डेस्क)। लोकसभा चुनाव में सीटों को लेकर अखिलेश, जयंत के बीच खटास के कयास लगाए जा रहे हैं! फिलहाल गठबंधन के तहत सपा ने आरएलडी को सात सीटें दे रखी हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में जयंत चौधरी की बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई है और बीजेपी ने आरएलडी को एनडीएम में शामिल होने का ऑफर दिया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि बीजेपी पश्चिम यूपी की चार से पांच सीटें आरएलडी को देने को तैयार है। यही नहीं जयंत चौधरी को केंद्र और राज्य में मंत्री पद का भी ऑफर है। पिछले दिन से मीडिया में तैरती इन संभावनाओं पर अभी किसी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण नहीं आया है।
हम साथ साथ हैं! सपा-आरएलडी ने किया था एलान

राजनैतिक जानकारों का मानना है कि जयंत चौधरी कोई बड़ा फैसला लेते हैं तो ये indi गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा। जनवरी में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए औपचारिक गठबंधन की घोषणा हो चुकी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल साइट पर जयंत चौधरी के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय लोकदल और सपा के गठबंधन की सभी को बधाई, जीत के लिए सभी एकजुट हो जाएं। इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा था कि राष्ट्रीय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर, हमारे गठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं से उम्मीद है, अपने क्षेत्र के विकास और खुशहाली के लिए कदम मिलाकर आगे बढ़ें। इस बीच इस मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
मुजफ्फरनगर सीट पर फंसा है पेंच

पश्चिमी यूपी की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। इस सीट पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यही वजह है कि सीटों को लेकर चल रहे विवाद के कारण इस एलायंस को छोड़ जयंत एनडीए में भी जा सकते हैं। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव और आरएलडी के मुखिया जयंत चौधरी के साथ बैठक में सीट बंटवारे पर सहमति बनी थी। सपा ने कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में प्रत्याशी अपना और निशान रालोद का रहने की शर्त रखी। रालोद कैराना और बिजनौर पर तो राजी है, लेकिन मुजफ्फरनगर पर नहीं। वजह यह है कि चौधरी अजित सिंह मुजफ्फरनगर सीट पर पिछला चुनाव मात्र साढ़े छह हजार वोटों से भाजपा के डॉ. संजीव बालियान से हारे थे। इस लोस सीट के अंतर्गत आने वाली पांच विधासनभा सीटों में से दो बुढ़ाना और खतौली पर रालोद का कब्जा है। खतौली सीट रालोद ने उपचुनाव में जीती थी। इसके अलावा रालोद ने अपने हिस्से की सीटें बढ़ाने की भी बात रखी।
Leave a comment