यूपी से सियासी पारी शुरू करने की अटकलें
सरकार ने मंजूर किया अफसर का इस्तीफा
आईएएस की नौकरी छोड़ कर अब करेंगे नेतागिरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईएएस अधिकारी के इस्तीफे को सरकार ने मंजूर कर लिया है। अब इस अफसर के राजनीतिक पारी शुरू करने की अटकलें जोरों पर हैं।
दरअसल केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद यूपी कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह का इस्तीफा राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। अभिषेक ने अक्टूबर 2023 में इस्तीफा दिया था और वीआरएस के लिए आवेदन किया था। मंजूरी के बाद उनका इस्तीफा गुरूवार से प्रभावी माना जाएगा।

पिता रह चुके हैं यूपी में आईपीएस अधिकारी
आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद अभिषेक सिंह के राजनीति में जाने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। संभावना है कि वे वर्ष 2024 के लोक सभा चुनाव में अपनी सियासी पारी का आगाज कर सकते हैं और जौनपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। अभिषेक सिंह यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता कृपाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश में आईपीएस अफसर रह चुके हैं।
बॉलीवुड से भी रहा है नाता
अभिषेक इन दिनों जगह-जगह जाकर क्षेत्र के लोगों से मिल रहे हैं। अभिषेक ने हाल ही में जौनपुर से अयोध्या के राम मंदिर के लिए नि:शुल्क बस सेवा की भी शुरुआत की है। पिछले वर्ष उन्होंने जौनपुर में भव्य गणेशोत्सव का आयोजन करवाया था, जिसमें कुछ बॉलीवुड के एक्टर भी शामिल हुए थे। अभिषेक सिंह बॉलीवुड की कुछ फिल्मों और एल्बम में एक्टिंग भी कर चुके हैं। जौनपुर में सक्रियता को लेकर अभिषेक के वहां से लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं।
…आखिर मामला था क्या?
अभिषेक सिंह को वर्ष 2015 में तीन साल के लिए दिल्ली में प्रतिनियुक्ति दी गई थी। वर्ष 2018 में प्रतिनियुक्ति की अवधि दो वर्ष के लिए बढ़ाई गई, लेकिन उस दौरान वह मेडिकल लीव पर चले गए। इसलिए सरकार ने उन्हें 19 मार्च 2020 को मूल संवर्ग यूपी वापस भेज दिया। इसके बाद उन्होंने यूपी में लंबे समय तक ज्वाइनिंग नहीं दी। हालांकि, 30 जून 2022 को उन्होंने यूपी में ज्वाइनिंग दी। नियुक्ति विभाग ने 10 अक्टूबर 2022 को उनको नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा तो इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहने का कोई उत्तर भी नहीं दिया। बाद में उनको निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध किया गया। अब सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
चुनाव आयोग ने अभिषेक सिंह के खिलाफ लिया था एक्शन

गुजरात विधानसभा चुनाव में अभिषेक सिंह को प्रेक्षक बनाकर भेजा गया था। इस दौरान कार के आगे फोटो खींच उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में निर्वाचन आयोग ने उन्हें प्रेक्षक ड्यूटी से हटा दिया था। इसके बाद वह काफी समय तक ड्यूटी से नदारद रहे, जिसके बाद यूपी सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबित होने के बाद फिर उन्होंने वीआरएस लेने का फैसला लिया और अब उसका इस्तीफा मंजूर हो गया है।
प्यार में मिला धोखा फिर…
अभिषेक सिंह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बताया जाता है कि कॉलेज के दिनों में वह किसी लड़की से बेइंतहा प्यार करते थे, मगर प्यार में धोखा मिला तो उन्होंने कथित तौर पर सुसाइड करने की भी सोची थी। इसके बाद उन्होंने अपने आप को किसी तरह से संभाला और UPSC की तैयारी शुरू कर दी और 2011 में वह IAS अफसर बन गए।
अभिषेक सिंह की पत्नी भी हैं IAS

अभिषेक सिंह की पत्नी IAS दुर्गा शक्ति नागपाल हैं। वह दबंग छवि की मानी जाती हैं। खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वह चर्चा में रहीं। अभिषेक सिंह और आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल की मुलाकात 2009 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई थी। दोनों ने 2012 में शादी की थी। इनकी दो बेटियां हैं।
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