कई बार पकड़ा गया दुष्कर्म और अय्याशी करते
धोखा देने के लिए हिंदुओं जैसा रखा खुद का नाम
नए नहीं हैं दुष्कर्म के आरोपी दबंग के कारनामे!
दुष्कर्म के आरोपी दबंग पर लग चुके हैं धर्म परिवर्तन कराने के भी आरोप!
नए नहीं हैं दुष्कर्म के आरोपी दबंग के कारनामे। धर्म परिवर्तन कराने के भी लग चुके हैं आरोप। कई बार पकड़ा गया दुष्कर्म और अय्याशी करते। धोखा देने के लिए खुद का नाम भी रखा हिंदुओं जैसा।
बिजनौर। नजीबाबाद में महिला के साथ दुष्कर्म के आरोपी दबंग के कारनामे नए नहीं हैं। आरोपी दबंग को एक बार ग्रामीणों द्वारा महिला के साथ दुष्कर्म करते दबोचा जा चुका है। इस मामले का वीडियो भी वायरल हुआ था। वहीं एक बार नगर में मोहल्ले वालों ने महिला के साथ अय्याशी करते हुए पकड़ा। खूब हंगामा हुआ और पुलिस भी आई और वीडियो भी वायरल हुई। यही नहीं उक्त दबंग व कुछ साथी महिलाओं (खासकर हिंदू) के धर्म परिवर्तन और शारीरिक शोषण की फिराक में रहते हैं और मौका मिलते ही अपने मकसद को अंजाम दे डालते हैं। धोखा देने के लिए उसने खुद का नाम भी हिंदुओं जैसा रख लिया है। यह गैंग हिंदू महिलाओं को फंसाकर मुंबई ले जाता है और धर्म परिवर्तन कराता है! सबसे खास बात यह है कि पुलिस सब कुछ जानते बूझते हुए भी आज तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

सूत्रों का कहना है कि कस्बा व तहसील नजीबाबाद के एक मोहल्ले में किराए के मकान में अपनी बेटी के साथ अकेली रहने वाली महिला ने 04 जुलाई 2022 को पुलिस उपाधीक्षक नजीबाबाद को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि दिनांक 04 अक्तूबर 2021 को नजीबाबाद निवासी एक महिला, मोहल्ला मकबरा के आसिफ हुसैन पुत्र मो. हुसैन, जाब्तागंज के मुशर्रफ अली पुत्र मोहम्मद अली व मोहल्ला हवेली तला के लवी उर्फ इमरान पुत्र सदाकत अली ने उसके साथ मारपीट की। उक्त लोग उसका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराना चाहते हैं तथा उसके साथ गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। उक्त चारों आरोपी उसके साथ पहले भी कई बार मारपीट कर चुके हैं, जिसमें उसका दांत भी टूट गया था। महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद उसकी रिपोर्ट थाना पुलिस ने नहीं लिखी थी। आखिरकार 12 जुलाई 2022 को मामला दर्ज तो हुआ लेकिन धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास संबंधी गंभीर तथ्य को उड़ा दिया गया। महज आईपीसी की धारा 323/504/506 के तहत रिपोर्ट लिखी।
अलमारी के अंदर बने चोर दरवाजे से तहखाने का रास्ता
नजीबाबाद क्षेत्रांतर्गत एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला के साथ हथियार के बल पर दुष्कर्म की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज की है। स्थानीय पुलिस ने पीड़िता की शिकायत नहीं सुनी तो मजबूर होकर उसने कोर्ट की शरण ली। अब कहीं जाकर दो माह पुराने इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पीड़ित महिला ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) बिजनौर को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि उसके रिश्तेदार रामस्वरूप ने आसिफ हुसैन धोबी उर्फ आशाराम उर्फ राहुल वर्मा निवासी मोहल्ला मुगलूशाह थाना नजीबाबाद के यहां अपने अन्तिम समय तक काम किया है। इस वजह से उसका आरोपी के घर आना जाना था। बताया गया कि आसिफ हुसैन अक्सर बथुवा आदि का साग मंगवाया करता था। पिछले वर्ष 29 दिसंबर को आसिफ हुसैन के कहे अनुसार उसकी घर पर साग देने गई थी, तभी आसिफ हुसैन उसके साथ गलत हरकतें करने लगा। विरोध करने पर मारपीट भी की। यही नहीं हथियार के बल पर आसिफ अलमारी के अंदर बने चोर दरवाजे से तहखाने में ले गया और जान से मारने की धमकी देते हुए बलात्कार किया। इसके बाद घर से धक्के मारकर निकाल दिया। इस मामले में पीड़ित महिला ने थाना नजीबाबाद और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायती पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। इस पर पीड़ित महिला ने न्यायालय का रुख करते हुए शिकायती पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर थाना नजीबाबाद पुलिस ने आसिफ हुसैन के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इसी प्रकार एक महिला द्वारा आसिफ हुसैन के खिलाफ 09 जून 2016 को उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार अंतर्गत थाना श्यामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया कि वह किसी काम से हरिद्वार जा रही थी। रास्ते में आसिफ हुसैन मिला और खुद भी हरिद्वार जाने की बात कहकर उसे अपनी कार में बैठा लिया। रास्ते में रवासन नदी नहर के रपटे पर कार मोड़ दी और बलात्कार की नीयत से अश्लील हरकतें करने लगा। रोका तो मारपीट करते हुए उसे नहर में धक्के मार कर फेंकने लगा। तभी वहां से गुजर रहे दूधियों (दूध बेचने वालों) को देखकर जंगल से फरार हो गया। पुलिस ने यह मामला आईपीसी की धारा 354/323/504 के तहत दर्ज किया था।

दरअसल ये मामला जितना सीधा दिखता है, उतना है नहीं। विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि उक्त महिला पुरानी जान पहचान के नाते आरोपी के सारे राज जानती थी। आरोपी उससे छुटकारा पाने की गरज से अपने साथ ले गया और उक्त स्थान पर पहुंचते ही धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर कई वार किए। इसके बाद उसे मरा हुआ समझ कर नहर में फेंक दिया। वहां से गुजर रहे दूध बेचने वालों ने उसे बचाया और पुलिस को सूचित किया। बड़ी मुश्किल से चिकित्सक उसकी जान बचा सके थे। उसके जिंदा होने की सूचना पर आरोपी दबंग बैकफुट पर आ गया और रिपोर्ट दर्ज न कराने की मिन्नतें करने लगा। पीड़िता ने किन्हीं कारणों से रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार किया तो श्यामपुर पुलिस अड़ गई। आखिरकार केस हल्की धाराओं में दर्ज हुआ। सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि बाद में आरोपी ने हिंदू धर्म अपनाकर पीड़िता से विवाह कर लिया! यहां यह बात खुलनी भी जरूरी है कि उक्त महिला और आरोपी को पड़ोसियों द्वारा आपत्तिजनक हालत में पकड़ा जा चुका है। पुलिस भी पहुंची और वीडियो भी बनी।
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